10 लाख रुपये तक का इलाज होगा कैशलेस, प्रीमियम आय के हिसाब से तय करने की तैयारी
हिमकेयर की जगह जनवरी से नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लागू करने की तैयारी, चार स्लैब में हो सकता है 2 से 10 हजार रुपये तक सालाना प्रीमियम।
आय के आधार पर तय होगा प्रीमियम, 10 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य
शिमला। हिमाचल प्रदेश में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा की नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। सरकार जनवरी से हिमकेयर की जगह नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लागू करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित योजना में परिवार की सालाना आय को प्रीमियम तय करने का प्रमुख आधार बनाया जाएगा। सरकार करीब 10 लाख परिवारों को इसके दायरे में लाने की तैयारी में है।
नई पॉलिसी में प्रीमियम के चार स्लैब प्रस्तावित किए जा रहे हैं। इनमें सालाना प्रीमियम करीब 2 हजार से 10 हजार रुपये तक हो सकता है। हालांकि, बीमा कंपनी के चयन के लिए होने वाली निविदा प्रक्रिया के बाद प्रीमियम की अंतिम राशि तय होगी। अधिक आय वाले परिवारों के लिए प्रीमियम ज्यादा और कम आय वाले परिवारों के लिए कम रखने का प्रस्ताव है।
10 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क
प्रस्तावित स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था में पात्र परिवारों को सालाना 10 लाख रुपये तक के इलाज का कवरेज देने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य गंभीर और महंगे उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। नई पॉलिसी में बड़े मल्टी स्पेशियलिटी और तृतीयक चिकित्सा अस्पतालों को भी सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है, ताकि गंभीर बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में भी कराया जा सके।
थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को निजी अस्पतालों में योजना का लाभ देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही सर्जरी और दवाओं को पहले की तुलना में व्यापक स्तर पर बीमा कवरेज में शामिल करने की तैयारी है।
फर्जी क्लेम पर एआई से निगरानी
नई व्यवस्था में फर्जी बिल और गलत बीमा दावों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इससे संदिग्ध क्लेम की पहचान करने में मदद मिलेगी। इलाज के भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव प्रस्तावित है। सरकार सीधे अस्पतालों को भुगतान करने के बजाय चयनित बीमा कंपनी के माध्यम से अस्पतालों को भुगतान करवाएगी।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को जनवरी में लागू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि पॉलिसी में पात्रता आय के आधार पर तय करने का प्रस्ताव है और पात्र लोगों को 10 लाख रुपये तक के इलाज का लाभ दिया जाएगा।
बीमा कंपनियों से मांगी गईं निविदाएं
स्वास्थ्य बीमा कवरेज को आगे जारी रखने के लिए हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी ने बीमा कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसमें भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) में पंजीकृत तथा स्वास्थ्य बीमा कारोबार का अनुभव रखने वाली कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं।
टेंडर दस्तावेज 15 सितंबर से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक कंपनियां दस्तावेज हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी की वेबसाइट और हिमाचल प्रदेश ई-टेंडर पोर्टल से प्राप्त कर सकती हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीमा कंपनी और अंतिम प्रीमियम को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या थी हिमकेयर योजना?
हिमकेयर योजना में पात्र लाभार्थियों को 1,000 रुपये के सालाना प्रीमियम पर 5 लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती थी। सरकारी कर्मचारी और पेंशनर इसके दायरे से बाहर थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हिमकेयर में करीब साढ़े सात लाख लाभार्थी थे। अब प्रस्तावित नई व्यवस्था में कवरेज को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने और लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने की तैयारी है।
