नेपाल भागने की फिराक में था ननखड़ी का बलबीर उर्फ फौजी, अमृतसर से गिरफ्तार; लुधियाना से दूसरा बड़ा सप्लायर भी दबोचा
चिट्टा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर शिमला पुलिस का बड़ा प्रहार, पंजाब से दो मुख्य सप्लायर गिरफ्तार। एक आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने अमृतसर में ही उसे दबोच लिया। दोनों आरोपियों के तार हिमाचल में पकड़ी गई चिट्टे की खेपों से जुड़े मिले हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करते हुए शिमला पुलिस ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीमों ने अलग-अलग मामलों में दो मुख्य नशा सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इनमें शिमला जिले के ननखड़ी क्षेत्र का बलबीर सिंह उर्फ फौजी और पंजाब के लुधियाना का गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी शामिल हैं। दोनों की गिरफ्तारी पांच नवंबर को की गई।
पुलिस के मुताबिक, बलबीर सिंह उर्फ फौजी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदल रहा था। वह नेपाल भागने की तैयारी में था, लेकिन शिमला पुलिस की स्पेशल सेल ने उसकी तलाश करते हुए उसे अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया।
शोगी में पकड़ी गई 257 ग्राम चिट्टे की खेप से खुला राज
पहले मामले की शुरुआत 27 अक्तूबर को हुई थी। शोगी बैरियर पर पुलिस ने एक टैक्सी की तलाशी के दौरान अमृतसर निवासी रेशम सिंह को 257 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की गहन जांच में पता चला कि बरामद नशीला पदार्थ ननखड़ी निवासी बलबीर सिंह उर्फ फौजी तक पहुंचाया जाना था।
इसके बाद पुलिस ने खेप के पीछे सक्रिय मुख्य सप्लायर की तलाश शुरू की। करीब एक सप्ताह तक लगातार प्रयास और जांच के बाद पुलिस टीम ने पांच नवंबर को अमृतसर में दबिश देकर बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के चार और आबकारी अधिनियम के दो मामले दर्ज हैं।
गुम्मा चिट्टा मामले के तार लुधियाना से जुड़े
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने 27 सितंबर को गुम्मा क्षेत्र में तीन आरोपियों से करीब 50 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपियों ने यह नशा लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी से खरीदा था।
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल की और पांच नवंबर को लुधियाना से गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इनमें एक मामले में 2 किलो 415 ग्राम और दूसरे में 230 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
2026 में अब तक 94 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई के आंकड़े भी साझा किए हैं। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 94 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि वर्ष 2025 में आठ और वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे।
इसके अलावा, चालू वर्ष में पुलिस ने 69 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है।
शिमला पुलिस की इन कार्रवाइयों से साफ है कि अब नशे की छोटी खेपों के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि उनके पीछे सक्रिय सप्लाई चेन और पंजाब सहित दूसरे राज्यों में बैठे मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
