
बीबीएमबी मामले में हिमाचल की बड़ी जीत पर सीएम सुक्खू का बड़ा दावा, बोले- हर साल मिलेगा 500 से 1000 करोड़ तक का लाभ

दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने हिमाचल की सियासत में उत्साह भर दिया है। बीबीएमबी एरियर मामले में प्रदेश के हक में आए निर्णय को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सरकार की चार वर्षों की चौथी बड़ी जीत बताया है।

शिमला। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े बिजली हिस्सेदारी और एरियर मामले में हिमाचल प्रदेश के पक्ष में आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि इस फैसले से हिमाचल को हर साल करीब 500 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हो सकता है। सरकार का लक्ष्य बेहतर समझौते के माध्यम से इस लाभ को बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश अपनी बिजली हिस्सेदारी को छह रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचता है, तो इससे सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मामले में ऐसा समझौता हो, जिससे प्रदेश को और अधिक आर्थिक फायदा मिल सके।
सीएम सुक्खू ने इसे पिछले लगभग चार वर्षों में सरकार की चौथी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार ने राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मामले में हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लंबी रही है और यह फैसला प्रदेश के हक के लिए लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने विरोध करने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना अच्छी परंपरा है, लेकिन जब मामला प्रदेश के अधिकारों का हो और सरकार उन अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हो, तो सभी को इस मुहिम में साथ देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से प्रत्येक प्रदेशवासी का मन गर्व से भरा है। दीपावली के पावन अवसर पर आए इस फैसले ने प्रदेश की खुशियों को दोगुना कर दिया है।
ओकओवर में जश्न, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डाली नाटी
सर्वोच्च न्यायालय के छह नवंबर को आए फैसले की खुशी शनिवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर में भी देखने को मिली। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर जीत का जश्न मनाया और पारंपरिक नाटी डालकर खुशी जाहिर की।
इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की तस्वीर वाले पोस्टर नजर आए, जिन पर ‘बीबीएमबी के विजय योद्धा’ लिखा हुआ था। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान सहित कई पार्षद भी इस जश्न में शामिल हुए।
बीबीएमबी मामले में आए इस फैसले को प्रदेश सरकार हिमाचल के आर्थिक हितों और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित समझौते के जरिए प्रदेश को वास्तविक रूप से कितना आर्थिक लाभ मिल पाता है।
