महंगाई ने फीकी की त्योहारों की रौनक, खाद्य तेल से लेकर मिठाइयों तक के दाम बढ़े
कालाअंब (सिरमौर)। त्योहारों के सीजन में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों के बजट को बिगाड़ दिया है। खाद्य तेल से लेकर चीनी और अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियों के दामों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। हालात यह हैं कि खाद्य तेल करीब 20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है, जबकि मिठाइयों के दामों में भी लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य खाद्य सामग्री के दामों में भी 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।
महंगाई की सबसे अधिक मार निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रही है। कालाअंब के स्थानीय निवासी रोशन सिंह, दर्शन लाल, बिमला कश्यप, प्रोमिला देवी, कृष्णा, मेहर चंद, दीनबंधु शर्मा, केशव राम, सोहन सिंह संधू और रक्षा देवी का कहना है कि त्योहारों के समय जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों के लिए त्योहारों की खरीदारी करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सरसों के तेल के दामों में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अन्य खाद्य सामग्री भी पहले के मुकाबले महंगी हो गई है। ऐसे में त्योहारों पर घरों में बनने वाले पकवानों से लेकर मिठाइयों की खरीदारी तक का खर्च बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने त्योहारों की खुशियों और रौनक को फीका कर दिया है।
ऑनलाइन खरीदारी से भी प्रभावित हो रहा स्थानीय कारोबार
दूसरी ओर, ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ता चलन भी स्थानीय बाजारों के कारोबार को प्रभावित कर रहा है। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के बाजारों में शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर ग्राहकों की अपेक्षित भीड़ देखने को नहीं मिली। दुकानदारों को उम्मीद थी कि त्योहार के चलते बाजारों में अच्छी रौनक रहेगी, लेकिन ग्राहकों की कम आवाजाही ने उनकी उम्मीदों को प्रभावित किया। स्थानीय बाजारों में इस बार धनतेरस पर अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली।
