हिमाचल के 8500 HRTC पेंशनरों को मिलेगी राहत, सरकार ने 3% DA देने के दिए निर्देश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। लंबे समय से महंगाई भत्ते और अन्य वित्तीय लाभों का इंतजार कर रहे करीब 8500 पेंशनरों को अब 3 फीसदी डीए मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। हालांकि, पेंशनरों की 8 फीसदी डीए की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनरों को महंगाई भत्ते का लाभ देने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निगम के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार, रामपुर से लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभों के अलावा निगम के मौजूदा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान पेंशनरों को 3 फीसदी डीए जारी करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के भी निर्देश
एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं में लंबे समय से लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान भी शामिल है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन बिलों का निपटारा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। इसके साथ ही पेंशन से संबंधित अन्य लंबित मामलों को भी चरणबद्ध तरीके से सुलझाने पर जोर दिया गया।
बैठक में निगम के कार्यरत कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की नियमित पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने का विषय भी उठाया गया। इससे लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की संभावना है।
पेंशनर संयुक्त समन्वय समिति की आज बैठक
सरकार की ओर से 3 फीसदी डीए देने की पहल के बाद एचआरटीसी पेंशनर संयुक्त समन्वय समिति ने भी बैठक बुलाई है। समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर के मुताबिक, बैठक में सरकार के फैसले और अन्य मांगों को लेकर मिले आश्वासनों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया जाएगा कि लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा जाए या फिलहाल धरना-प्रदर्शन स्थगित किया जाए।
8 फीसदी डीए और नियमित पेंशन अब भी प्रमुख मांग
एचआरटीसी पेंशनरों की प्रमुख मांगों में 8 फीसदी महंगाई भत्ता, नियमित पेंशन का भुगतान और लंबे समय से लंबित मेडिकल बिलों का निपटारा शामिल है। सरकार की ओर से फिलहाल 3 फीसदी डीए देने की पहल की गई है, जबकि शेष मांगों पर अभी निर्णय होना बाकी है।
ऐसे में पेंशनरों को जहां 3 फीसदी डीए मिलने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं उनकी अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार के अगले कदम का इंतजार बना हुआ है।
