हिमाचल: सामरिक संसारी-किलाड़-तांदी सड़क के चौड़ीकरण की तैयारी तेज, 5 गांवों की जमीन होगी अधिगृहीत
लाहौल-स्पीति में सड़क विस्तार के लिए बीआरओ ने बढ़ाए कदम, 4 बीघा से अधिक निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू। प्रभावित भू-मालिक 60 दिनों के भीतर दर्ज करा सकेंगे आपत्तियां।
लाहौल-स्पीति। सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने और सामरिक आवाजाही को सुगम बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी सड़क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के दीपक प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना के लिए लाहौल के उदयपुर उपमंडल के पांच गांवों जालमा, खरोती, चंबक, शेवर और कमरी में 4 बीघा 11 बिस्वा से अधिक निजी भूमि अधिगृहीत की जाएगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। सड़क के 19.500 किलोमीटर से 30.645 किलोमीटर तक के हिस्से में निर्माण एवं चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है।
राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत पूरी की जाएगी। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए उपायुक्त लाहौल-स्पीति को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
60 दिनों में दर्ज करवा सकेंगे आपत्तियां
भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना में संबंधित जमीन के खेवट, खतौनी और खसरा नंबर का भी उल्लेख किया गया है। जिन भूमि मालिकों की जमीन इस परियोजना के दायरे में आ रही है, वे अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए भूमि अधिग्रहण कलेक्टर एवं एसडीएम उदयपुर के समक्ष आवेदन करना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त या किसी अन्य प्रकार का हस्तांतरण भूमि अधिग्रहण कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
अत्यावश्यक परियोजना की श्रेणी में रखा गया कार्य
सरकार ने इस सड़क परियोजना को अत्यावश्यक श्रेणी में रखते हुए सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) अध्ययन नहीं करवाने का निर्णय लिया है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले परिवारों का विस्तृत ब्योरा आगामी प्रक्रिया में उपलब्ध करवाया जाएगा।
संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी सड़क का यह हिस्सा रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रस्तावित विस्तार से सड़क की क्षमता और आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
