एनएच-07 पर वाहन चालकों को मिलेगी राहत, दोसड़का से कालाअंब तक 15 किमी सड़क की मरम्मत शुरू
लंबे समय से गड्ढों और उखड़ी टायरिंग से जूझ रहे वाहन चालकों की परेशानी होगी कम, खराब हिस्सों पर दोबारा बिछाई जा रही तारकोल की परत
नाहन (सिरमौर)। कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। बरसात के दौरान बदहाल हुई सड़क को सुधारने के लिए अब धरातल पर काम शुरू हो गया है। दोसड़का से कालाअंब तक करीब 15 किलोमीटर के हिस्से में मरम्मत कार्य के तहत पक्के पैच लगाए जा रहे हैं। वहीं, जिन स्थानों पर सड़क ज्यादा क्षतिग्रस्त है, वहां दोबारा टायरिंग की जा रही है।
काफी समय से इस राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब हालत वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई थी। बरसात के दौरान लगातार बारिश होने से सड़क के कई हिस्सों में टायरिंग उखड़ गई थी और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए थे। इसके चलते इस मार्ग पर रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो कई स्थानों पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई थी।
स्थानीय लोगों की ओर से भी लगातार सड़क की मरम्मत की मांग उठाई जा रही थी। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुधार कार्य शुरू कर दिया है। सड़क की स्थिति के अनुसार अलग-अलग तकनीक से मरम्मत की जा रही है। सामान्य रूप से खराब हिस्सों में पक्के पैच लगाए जा रहे हैं, जबकि अधिक क्षतिग्रस्त स्थानों पर दोबारा टायरिंग की जा रही है।
एनएचएआई के परियोजना अधिकारी आनंद दहिया ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-07 की मरम्मत का काम शुरू करवा दिया गया है। बरसात के दौरान कई जगह सड़क को नुकसान पहुंचा था। इसी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्थानों पर पैचवर्क और टायरिंग करवाई जा रही है, ताकि सड़क की स्थिति में सुधार हो सके।
फोरलेन परियोजना पर भी आगे बढ़ रही प्रक्रिया
कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने की योजना पर भी प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसके पूरा होने से आने वाले समय में इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सफर को अधिक सुविधाजनक करने की उम्मीद है।
फिलहाल फोरलेन परियोजना के धरातल पर उतरने तक सड़क की मरम्मत वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। यदि निर्धारित कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा होता है तो लंबे समय से गड्ढों से जूझ रहे इस मार्ग पर आवागमन पहले के मुकाबले काफी सुगम हो सकेगा।
