नशा उन्मूलन में उद्योग जगत भी करेगा सहयोग, लघु उद्योग भारती फार्मा विंग ने पुलिस विभाग को दिया सहयोग का भरोसा
शिमला/कालाअंब (सिरमौर)। नशा मुक्त प्रदेश के लिए उद्योग जगत भी सरकार और पुलिस को पूरा सहयोग करेगा। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों को नई जिंदगी देने के लिए औद्योगिक संगठन हरसंभव सहयोग करेंगे।
लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रदेश अध्यक्ष एवं उद्यमी संजय सिंगला ने पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी से शिष्टाचार भेंट के दौरान यह भरोसा दिलाया। इस मुलाकात में प्रदेश में नशे की समस्या, इसके दुष्प्रभावों और नशा उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजिलेंस विमल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंगला ने शिमला के मशोबरा क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग की ओर से स्थापित प्रदेश के पहले महिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ‘नवजीवन’ की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए अलग पुनर्वास केंद्र की स्थापना समाज की एक बड़ी जरूरत को पूरा करने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रह गई है। इसकी चपेट में युवा पुरुषों के साथ युवतियां भी आ रही हैं। ऐसे में नशे की लत से जूझ रही महिलाओं को सुरक्षित माहौल में उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध करवाना बेहद महत्वपूर्ण है।
सिंगला ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी अभियान या पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जब सभी वर्ग मिलकर प्रयास करेंगे, तभी नशे के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने और युवाओं को इस बुराई से दूर रखने में सफलता मिलेगी।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक और विभाग के अन्य अधिकारियों को आश्वस्त किया कि नशा उन्मूलन के अभियान में उद्योग जगत सरकार और पुलिस के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। नशा मुक्त समाज के निर्माण और युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए औद्योगिक संगठन अपनी ओर से हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मशोबरा में शुरू की गई ‘नवजीवन’ जैसी पहल नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने नशे को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसके खात्मे के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और निरंतर प्रयासों पर जोर दिया।
