दिवाली से पहले सिरमौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 45 सैंपल जांच को भेजे; दूध-मिठाइयों पर खास नजर
नाहन (सिरमौर)। दिवाली की मिठास में मिलावट का जहर न घुल जाए, इसके लिए सिरमौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। त्योहार के बाजारों में बिकने वाली मिठाइयों, दूध और मावे की गुणवत्ता पर विभाग की पैनी नजर है। पिछले दो सप्ताह में जिले के अलग-अलग बाजारों से 45 खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नाहन, पांवटा साहिब और कालाअंब सहित प्रमुख बाजारों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप के नेतृत्व में की जा रही इस कार्रवाई के दौरान दुकानों से कानूनी और सर्वे श्रेणी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इनमें अकेले नाहन बाजार से लिए गए 12 नमूने शामिल हैं।
हरियाणा से आने वाले दूध और मावे पर भी नजर
सिरमौर के बाजारों में स्थानीय उत्पादों के साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा से भी दूध, मावा और अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति होती है। त्योहारी दिनों में इनकी खपत बढ़ने के कारण विभाग बाहरी राज्यों से आने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी सतर्क है। खासतौर पर दूध से तैयार होने वाली मिठाइयों और अन्य उत्पादों को जांच के दायरे में रखा गया है।
विभाग की टीम दुकानों में खाद्य सामग्री के रखरखाव और साफ-सफाई का निरीक्षण करने के साथ-साथ मौके से नमूने भी एकत्र कर रही है। इनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदारों को निर्देश, उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अरुण चौहान ने बताया कि दिवाली और अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए जिले में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक करीब 45 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान केवल प्रमुख बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण जारी रहेगा।
उन्होंने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, उपभोक्ताओं को भी त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले में रखी, बासी या संदिग्ध गुणवत्ता वाली मिठाइयां खरीदने से बचें। पैकेट बंद सामग्री लेते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। दूध और मावे से बनी मिठाइयों की ताजगी पर विशेष ध्यान दें। जलेबी जैसे उत्पाद खरीदते समय ताजा तैयार सामग्री को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
अब सबकी नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर है, क्योंकि इन 45 नमूनों की जांच से ही पता चलेगा कि त्योहारी बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर कितनी खरी उतरती है।
