हिमाचल: 16 महीने बाद भी नहीं संभला आपदा में टूटा स्कूल, एक कमरे में बैठकर पढ़ने को मजबूर 40 बच्चे
कुल्लू। आपदा का जख्म इतना गहरा है कि 16 महीने गुजरने के बाद भी नौनिहालों को पढ़ाई के लिए एक अदद सुरक्षित भवन नसीब नहीं हो पाया। कुल्लू के राजकीय प्राथमिक विद्यालय करटाह में हालात ऐसे हैं कि 40 विद्यार्थियों की पांच कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित करनी पड़ रही हैं।
वर्ष 2025 में आई आपदा के दौरान स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से ही विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भवन न होने के कारण अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे न केवल बच्चों का ध्यान पढ़ाई में प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षकों के सामने भी सभी कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
दो कमरों के नए भवन का मिला था भरोसा
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग की ओर से यहां दो कमरों का नया भवन बनाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। अभिभावक टिकमू देवी, हिरालाल, योगराज और गिरधारी लाल के अनुसार, वे कई बार प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को उठा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल इंतजार ही करना पड़ रहा है।
निदेशालय से किया गया है पत्राचार
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ज्ञानचंद ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय करटाह की समस्या के समाधान के लिए निदेशालय स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। हालांकि, अभी तक भवन निर्माण की दिशा में धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है।
एसएमसी ने जल्द निर्माण शुरू करने की उठाई मांग
विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की अध्यक्ष दुर्गा देवी ने कहा कि स्कूल भवन को लेकर लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन बच्चों को अभी तक राहत नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से बजट उपलब्ध करवाने सहित अन्य जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने की मांग की है, ताकि नए भवन का निर्माण शुरू हो सके।
अभिभावकों और एसएमसी का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ा यह मामला अब और लंबा नहीं खिंचना चाहिए। एक कमरे में पांच कक्षाएं चलाना किसी भी लिहाज से उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में विभाग और प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर स्कूल भवन का निर्माण करवाकर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाना चाहिए।
