हिमाचल में 633 शिक्षकों को दिवाली का तोहफा, टीजीटी और प्रवक्ता बने मुख्याध्यापक
दिवाली से पहले शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश के 633 टीजीटी और पदोन्नत प्रवक्ताओं को मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नति मिली है। लंबे समय से इस पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए विभाग का यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के आधार पर पदोन्नति आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत कुल 633 शिक्षकों को मुख्याध्यापक बनाया गया है। पदोन्नति का लाभ उन शिक्षकों को मिला है, जिन्हें 26 अप्रैल 2010 से पहले बिना विकल्प के पदोन्नत किया गया था और जिन्होंने निदेशालय की ओर से 11 दिसंबर 2025 को जारी निर्देशों के तहत मुख्याध्यापक बनने का विकल्प चुना था।
संशोधित वेतनमान के तहत मिलेगा लाभ
पदोन्नत शिक्षकों को संशोधित वेतन नियम, 2022 के लेवल-13 के अनुसार वेतनमान दिया जाएगा। उनकी तैनाती प्रदेश के विभिन्न सरकारी उच्च विद्यालयों में रिक्त पड़े मुख्याध्यापक पदों पर की जाएगी। स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से शनिवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।
कार्यभार संभालने के लिए मिलेगी इतनी मोहलत
विभाग ने पदोन्नत शिक्षकों को नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए दूरी के आधार पर समय निर्धारित किया है। यदि नई तैनाती का स्थान 30 किलोमीटर तक दूर है तो शिक्षक को एक दिन का समय मिलेगा, जबकि 30 किलोमीटर से अधिक दूरी होने पर पांच दिन के भीतर कार्यभार संभालना होगा।
निर्धारित समय सीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में पदोन्नति आदेश एक वर्ष के लिए स्वतः वापस माना जाएगा। इसके अलावा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पदोन्नत शिक्षकों को बिना देरी कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
पदोन्नति छोड़ने पर लागू होंगे ये नियम
विभागीय आदेशों के अनुसार जनहित में पदोन्नत किए गए कर्मचारी सामान्य परिस्थितियों में पदोन्नति छोड़ने के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में संबंधित कर्मचारी की ओर से दिए गए आवेदन पर विचार किया जा सकता है।
यदि कोई कर्मचारी पदोन्नति छोड़ता है तो उसे एक वर्ष अथवा अगली विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक तक पदोन्नति के लिए अयोग्य माना जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम फैसलों तथा राज्य सरकार के निर्णयों के अधीन रहेंगी।
इस फैसले से प्रदेश के 633 शिक्षकों को नई प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने के साथ ही शिक्षा विभाग के स्कूलों में मुख्याध्यापकों के रिक्त पदों को भरने में भी मदद मिलेगी।
