हिमाचल में पीईटी भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों को झटका, एक वर्षीय डिप्लोमा धारकों को नहीं मिलेगी नियुक्ति
पीईटी भर्ती में छूट की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों की मांग शिक्षा विभाग ने खारिज कर दी है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में कोई छूट नहीं दी जाएगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीईटी) के पदों पर नियुक्ति की आस लगाए बैठे एक वर्षीय डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीईडी) धारक अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इन अभ्यर्थियों को वर्ष 2011 में जारी एकमुश्त छूट नीति का लाभ देने और भविष्य में रिक्त होने वाले पीईटी पदों पर नियुक्ति की मांग को खारिज कर दिया है।
निदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पीईटी पदों के लिए निर्धारित अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही योगराज, बिपन कुमार, नरेंद्र सिंह और खेम चंद सहित अन्य संबंधित अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदनों को भी निरस्त कर दिया गया है।
2011 की छूट नीति का दिया था हवाला
दरअसल, अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग से 15 फरवरी 2011 को जारी एकमुश्त छूट नीति का लाभ पुराने बैच के आधार पर देने की मांग की थी। उनका तर्क था कि इसी नीति के तहत पूर्व में समान परिस्थितियों वाले कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्तियां प्रदान की गई थीं। ऐसे में उन्हें भी उसी आधार पर राहत दी जानी चाहिए।
पहले नियुक्त हुए अभ्यर्थियों का भी दिया उदाहरण
अपनी मांग के समर्थन में अभ्यर्थियों ने सरोज कुमार, अमरीक सिंह सहित अन्य अभ्यर्थियों को पूर्व में मिले लाभ का हवाला दिया था। उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया था कि उनके मामलों पर भी समान आधार पर विचार किया जाए और पीईटी के मौजूदा रिक्त पदों पर नियुक्ति का अवसर दिया जाए।
कारणयुक्त आदेश जारी करने की भी उठाई थी मांग
अभ्यर्थियों ने अपने प्रत्यावेदन पर विभाग से स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश जारी करने की मांग भी की थी। हालांकि, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की। इस फैसले के बाद एक वर्षीय डीपीईडी धारक अभ्यर्थियों को पीईटी पदों पर नियुक्ति मिलने की उम्मीदों को झटका लगा है।
