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सिरमौर: नेहली में सड़क बंद होने और पानी की निकासी न होने से जमीन का कटाव, चार मकानों पर मंडराया खतरा
भारी बारिश के बाद सड़क से बहकर आया मलबा और पत्थर निजी भूमि तक पहुंचे, ग्रामीणों ने जताई चिंता।
ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से मौके का निरीक्षण और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग की
नाहन (सिरमौर)। भारी बारिश के बाद सड़क से पानी की उचित निकासी नहीं होने का खामियाजा अब ग्रामीणों को अपनी निजी जमीन और मकानों पर मंडराते खतरे के रूप में भुगतना पड़ रहा है। जिला सिरमौर के विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा में भूमि कटाव और चार मकानों को संभावित नुकसान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
इस संबंध में 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा की मासिक विशेष बैठक में प्रस्ताव संख्या 09 सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में पंचायत प्रधान सुनीता देवी की अध्यक्षता में उपस्थित सदस्यों ने ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत लिखित शिकायत पर विस्तार से चर्चा की।
प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामीणों ने पंचायत को दिए आवेदन में बताया कि नाहन से श्री रेणुकाजी मार्ग से जुड़ी लिंक सड़क भारी बारिश के कारण बंद हो गई थी। वहीं, बारिश के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क से बहकर आया काफी पत्थर और मलबा ग्रामीणों की निजी भूमि तक पहुंच गया। इससे जमीन का कटाव हुआ है और आसपास स्थित मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
चार मकानों पर लगातार मंडरा रहा खतरा
ग्राम पंचायत के प्रस्ताव में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि प्रभावित स्थान के नीचे चार मकान स्थित हैं। इन मकानों के आसपास लगातार हो रहे भूमि कटाव और पानी के बहाव के कारण खतरे की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में जान-माल और संपत्ति को गंभीर नुकसान हो सकता है।
प्रस्ताव में यह भी बताया गया कि इस समस्या को वर्ष 2025 में लोक निर्माण विभाग के समक्ष कई बार उठाया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पंचायत ने प्रशासन से मांगा मौके का निरीक्षण और मुआवजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नाहन के विधायक से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है। पंचायत ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिलाने की मांग की है।
इसके साथ ही प्रभावित परिवारों की निजी भूमि को हुए नुकसान का राजस्व विभाग से मौका निरीक्षण और आकलन करवाकर नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई गई है।
पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपायुक्त सिरमौर और उपमंडलाधिकारी (नागरिक), नाहन को भी भेजी गई है।
अब ग्रामीणों को प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई का इंतजार है। देखना होगा कि चार मकानों पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए विभाग कब तक मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं।
