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सिरमौर: मंडलाहां (बड़वा) में प्रस्तावित पत्थर क्रशर का विरोध, ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से काम रोकने का प्रस्ताव किया पारित
क्रशर से प्रदूषण, पेयजल स्रोतों और खेती को नुकसान की आशंका जताकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा की ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर खनन अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भेजी आपत्ति
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा के अंतर्गत मंडलाहां (बड़वा) में प्रस्तावित पत्थर क्रशर को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। क्रशर स्थापित किए जाने की आशंका के बीच ग्रामीणों ने पर्यावरण, पेयजल स्रोतों, खेती और पशुधन पर इसके संभावित दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जाहिर की है। इस संबंध में ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रस्तावित क्रशर का कार्य बंद करवाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने एडीसी एकता कापटा को ज्ञापन सौंप कर अपनी आपत्ति दर्ज की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा की मासिक विशेष ग्राम सभा का आयोजन पंचायत प्रधान सुनीता देवी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मंडलाहां (बड़वा) में पत्थर क्रशर लगाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने इस परियोजना पर आपत्ति जताते हुए कहा कि क्रशर संचालित होने से आसपास के गांवों में धूल और ध्वनि प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों में वीरेंद्र सिंह, सीमा, नितेश, रमेश सिंह, हरिसिंह ठाकुर और सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि इससे क्षेत्र के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। धूल के कारण पशुओं के चारे की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ कृषि भूमि और फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा आसपास के पेयजल स्रोतों के प्रभावित होने और लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ने की चिंता भी जताई गई है।
बिना एनओसी और सहमति के क्रशर लगाने पर आपत्ति
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने यह मुद्दा भी उठाया कि क्रशर मालिक की ओर से प्रभावित ग्रामवासियों के साथ किसी तरह का समझौता या सहमति नहीं बनाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और प्रभावित लोगों की एनओसी लिए बिना ही क्रशर लगाने की दिशा में गतिविधियां शुरू की जा रही हैं।
बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित क्रशर का कार्य बंद करवाया जाए। ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि यदि पंचायत की एनओसी के बिना क्रशर लगाने का कार्य शुरू किया जाता है तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।
अधिकारियों को भेजी गई आपत्ति
ग्राम पंचायत की ओर से पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि खनन अधिकारी नाहन, प्रदूषण अधिकारी नाहन तथा अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग नाहन को भेजी गई है। वहीं, ग्रामीणों की ओर से भी हस्ताक्षरयुक्त आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रस्तावित क्रशर को स्थापित न करने की मांग उठाई गई है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की आपत्तियों पर क्या कार्रवाई करते हैं और प्रस्तावित पत्थर क्रशर के मामले में प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।
