सिरमौर के 15 स्कूलों में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’, 4436 विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के प्रति किया जागरूक
गुड टच-बैड टच से लेकर बाल शोषण की शिकायत तक दी गई जानकारी, बच्चों को हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 और नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया
नाहन (सिरमौर)। बच्चों को यौन शोषण और अन्य प्रकार के उत्पीड़न से बचाने के लिए जिला सिरमौर में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिले के 15 शिक्षण संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित कर कुल 4436 छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरमौर की ओर से 30 अक्तूबर को आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके प्रति होने वाले यौन शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के प्रति जागरूक करना तथा ऐसी परिस्थितियों में आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना रहा। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के निर्देशों पर चलाया गया।
अभियान के तहत नाहन, पांवटा साहिब, शिलाई, ददाहू, सैनवाला, अजोली, टिम्बी, बराग, रजाणा, नैना टिक्कर, देवठी मंझगांव, जामुकोटी और बांकला सहित विभिन्न क्षेत्रों के 15 स्कूलों को शामिल किया गया।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने दी जानकारी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बॉयज) पांवटा साहिब में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोचर की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में 350 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल और डीएवी स्कूल नाहन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव-सह-सीनियर सिविल जज नव कमल की अध्यक्षता में 450 विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।
वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई में एसडीएलएससी शिलाई के अध्यक्ष विकास कपूर की अध्यक्षता में पुलिस विभाग, अधिवक्ता बलबीर चौहान और पीएलवी अंजू देवी के सहयोग से आयोजित शिविर में 850 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
इसके अलावा जीएसएस स्कूल अजोली में 235, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ददाहू में 475, सैनवाला में 150, बांकला में 350, टिम्बी में 326, बराग में 250, रजाणा में 240, नैना टिक्कर में 210, देवठी मंझगांव में 200, दुग्गल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल पांवटा साहिब में 200 और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जामुकोटी में 150 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
इन शिविरों में रिमांड काउंसिल प्रतीक टागला, पैनल अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, स्कूल प्रधानाचार्यों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुड टच-बैड टच और हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाने के साथ यह भी बताया गया कि किसी भी तरह के शोषण या दुर्व्यवहार की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए।
उन्हें ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस विशेष अभियान के माध्यम से 4436 विद्यार्थियों तक बाल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों का संदेश पहुंचाया गया।
