दिल्ली महारैली के लिए हिमाचल कांग्रेस ने झोंकी ताकत, 200 बसें और 500 छोटी गाड़ियों का इंतजाम
शिमला। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश से 10 से 15 हजार कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 200 बसों के साथ करीब 500 छोटी गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। पार्टी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने संगठन के सभी स्तरों के पदाधिकारियों को रैली में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में विनय कुमार की ओर से पत्र जारी कर कैबिनेट मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों, बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों तथा जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पार्टी ने पदाधिकारियों को अपने पहले से तय कार्यक्रम और दौरों को रद्द कर महारैली में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शुक्रवार शाम तक सरकारी और निजी मिलाकर 156 बसों की व्यवस्था तय हो चुकी थी। इनमें कांगड़ा से 30, सोलन और ऊना से 20-20, मंडी से 20, सिरमौर से 15, बिलासपुर और शिमला से 16-16, हमीरपुर से 10, कुल्लू से आठ और चंबा से एक बस दिल्ली भेजने की योजना है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने तैयारियों को लेकर रिपोर्ट मांगी है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और संगठन महासचिव विनोद जिंटा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी प्रदेशवासियों से महारैली में भाग लेने की अपील की है।
विनय कुमार ने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महारैली के माध्यम से इन मुद्दों को उठाया जाएगा।
सीपीएम के सैकड़ों कार्यकर्ता भी दिल्ली महारैली में लेंगे हिस्सा
दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की महारैली में हिमाचल प्रदेश से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम के सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। पार्टी के राज्य सचिव संजय चौहान ने प्रदेश के कार्यकर्ताओं से एक नवंबर को रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की है।
संजय चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक और स्वायत्त संस्था का इस्तेमाल लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने के लिए कर रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर केंद्र सरकार के इशारे पर 13.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कथित वोट चोरी के मुद्दे पर देशभर में मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से आंदोलन किया जा रहा है। चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
सीपीएम ने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रद्द करने और इसके तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग भी उठाई है।
संजय चौहान ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लेना चाहिए।
