नाहन में सीपीआईएम का प्रचार अभियान, 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे सिरमौर के सैकड़ों कार्यकर्ता
SIR और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सीपीआईएम ने लोगों से लामबंद होने की अपील की, जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर ने लगाए लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप
नाहन (सिरमौर)। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाले बड़े प्रदर्शन को लेकर सीपीआईएम ने सिरमौर में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने नाहन शहर में पर्चे बांटकर प्रचार अभियान चलाया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों से एकजुट होने की अपील की।
सीपीआईएम के जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में जिला सिरमौर से सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार लंबे समय से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से 400 पार का नारा दिया गया था। उनके अनुसार, इसके पीछे संविधान की मूल भावना और बुनियादी ढांचे में बदलाव करने के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का उद्देश्य था। उन्होंने दावा किया कि जनता ने भाजपा के इस कथित इरादे को समझ लिया, जिसके चलते भाजपा 240 सीटों पर सिमट गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में जनता के फैसले के कारण सत्ता से बाहर होने की आशंका के चलते अब मतदाता सूची में बदलाव के माध्यम से लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ठाकुर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसके माध्यम से देश में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से बाहर कर दिया गया है।
सीपीआईएम जिला सचिव ने चुनाव प्रक्रिया में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) की शक्तियां सीमित किए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त को अधिक अधिकार दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं।
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता प्रभावित होने से निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था पर खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने आम जनता से केंद्र सरकार और SIR के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए व्यापक जन लामबंदी जरूरी है। सीपीआईएम की मांग है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए और देश में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
नोट: मतदाता सूची से बाहर किए गए मतदाताओं की संख्या और चुनाव आयोग की शक्तियों से संबंधित दावे सीपीआईएम जिला सचिव के बयानों पर आधारित हैं।
