नाहन में सुरक्षा सख्त: 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात, दोनों समुदायों ने शांति की अपील की
वाल्मीकि चौक विवाद के बाद अलर्ट प्रशासन, दोसड़का से संवेदनशील इलाकों तक वाहनों की जांच | 29 अक्तूबर तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
नाहन (सिरमौर)। वाल्मीकि चौक पर हुए हिंसक टकराव के बाद नाहन में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। शहर में दोबारा तनाव की आशंका को देखते हुए 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, जबकि दूसरी ओर वाल्मीकि और सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भाईचारे का संदेश देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत नाहन के प्रवेश द्वार दोसड़का से लेकर संवेदनशील वाल्मीकि चौक तक पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिरमौर एनएस नेगी ने भी सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण कर मौके पर तैनात पुलिस बल की व्यवस्था का जायजा लिया।
फिलहाल शहर में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है।
23 अक्तूबर की घटना के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
गौरतलब है कि 23 अक्तूबर को नाहन के वाल्मीकि चौक पर गेट लगाने को लेकर वाल्मीकि और सिख समुदाय के कुछ लोगों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक पथराव हुआ। इस दौरान पुलिस कर्मियों सहित दोनों समुदायों के लोगों को चोटें आईं, वहीं सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था।
घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया था। हालांकि, बाद में दोनों समुदायों के बीच आपसी सहमति और शांति बहाली के प्रयास किए गए। इसी क्रम में दोनों समुदायों के लोगों ने वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा में भी एक साथ भाग लिया था।
इसके बावजूद पुलिस को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कुछ लोगों के नाहन पहुंचने की संभावनाओं से जुड़ी सूचनाएं मिलीं। दोबारा तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
दोसड़का से वाल्मीकि चौक तक पुलिस की निगरानी
मंगलवार सुबह से ही दोसड़का में पुलिस जवानों की तैनाती कर वाहनों की जांच शुरू की गई। पुलिस टीमें शहर में आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रख रही हैं। इसके साथ ही वाल्मीकि चौक और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस की इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित तनाव को समय रहते नियंत्रित करना और शहर में सामान्य माहौल बनाए रखना है।
29 अक्तूबर तक लागू रहेंगे प्रतिबंधात्मक आदेश
जिला प्रशासन की ओर से नाहन के चिन्हित क्षेत्रों में 26 अक्तूबर की शाम से 29 अक्तूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
इन आदेशों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थानों पर पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। इसके अलावा बिना अनुमति रैली, जुलूस और प्रदर्शन करने तथा हथियार या नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुएं लेकर चलने जैसी आदेश में उल्लिखित गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
ये आदेश दोसड़का से वाल्मीकि चौक होते हुए दिल्ली गेट तक तथा वाल्मीकि चौक से बस स्टैंड के प्रवेश द्वार तक के मार्गों और दोनों ओर के निर्धारित क्षेत्रों में लागू हैं।
डीसी ने लोगों से किया सौहार्द बनाए रखने का आग्रह
डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने कहा कि नाहन में फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल है। लोगों की सुरक्षा और शहर में शांति कायम रखने के उद्देश्य से एहतियातन प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। साथ ही लोगों से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का आग्रह किया, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अमृतसर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने दिया भाईचारे का संदेश
हिंसक घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में भी पहल हुई है। मंगलवार दोपहर बाद नाहन में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू बाल्मीकि और बुड्ढा दल अमृतसर के जत्थेदार अवतार सिंह ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
दोनों प्रतिनिधियों ने कहा कि पुराने मतभेदों और गलतफहमियों को पीछे छोड़कर बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने दोनों समुदायों के लोगों से आपसी समझ बढ़ाने, एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे से माफी मांगकर विवाद को समाप्त करने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शहर में शांति बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी ऐसी गतिविधि से बचना चाहिए, जिससे दोनों समुदायों के बीच फिर से तनाव पैदा हो।
प्रतिबंधात्मक आदेश हटाने का भी किया आग्रह
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से नाहन के निर्धारित क्षेत्रों में लागू धारा 163 के आदेश हटाने का अनुरोध भी किया। उनका कहना था कि आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करते हुए शहर में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था जारी है और प्रतिबंधात्मक आदेशों को लेकर आगे का निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा। शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के साथ-साथ दोनों समुदायों की ओर से सहयोग की अपील भी अहम मानी जा रही है।
