त्रिलोकपुर नवरात्र मेले में 1619 लोगों ने लिया आयुष उपचार, योग से लेकर पंचकर्म तक मिली सुविधा
माता बालासुंदरी के दरबार में श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का भी मिला लाभ, 15 दिन तक चला चिकित्सा शिविर
कालाअंब (सिरमौर)। माता के दरबार में शीश नवाने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए त्रिलोकपुर में आयोजित आयुष चिकित्सा शिविर स्वास्थ्य सेवा का अहम केंद्र बना। शारदीय नवरात्र मेले के दौरान 15 दिनों में 1619 लोगों ने शिविर में उपचार करवाया, जहां सामान्य चिकित्सा के साथ योग, मर्म चिकित्सा, कपिंग थेरेपी और पंचकर्म जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गईं।
जिला सिरमौर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ महामाया माता बालासुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर में आयुष विभाग की ओर से 11 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक यह शिविर आयोजित किया गया। शिविर में उपचार करवाने वालों में 757 पुरुष, 518 महिलाएं और 344 बच्चे शामिल रहे। विभाग ने नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की थी, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें मौके पर ही उपचार मिल सके।
आयुष विभाग की मेला शिविर प्रभारी डॉ. अदिति शर्मा ने बताया कि विभाग हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र मेले के दौरान आयुष चिकित्सा शिविर लेकर पहुंचा। शिविर में औषधीय उपचार के अलावा आयुष की विभिन्न वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भी सेवाएं प्रदान की गईं। श्रद्धालुओं ने योगाभ्यास, मर्म चिकित्सा, कपिंग थेरेपी और पंचकर्म का लाभ उठाया।
उन्होंने बताया कि जिला आयुष अधिकारी डॉ. जसप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन में शिविर का संचालन किया गया। शिविर में डॉ. सपना, फार्मासिस्ट बलविंद्र कौर, बिमला और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रत्ना राम सहित अन्य कर्मचारियों ने सेवाएं देकर उपचार व्यवस्था में सहयोग किया।
त्रिलोकपुर में नवरात्र मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के मद्देनजर इस तरह के चिकित्सा शिविर महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस बार भी आयुष विभाग के शिविर में 1619 लोगों का उपचार किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को पारंपरिक आयुष चिकित्सा पद्धतियों के बारे में जानकारी लेने और उनका लाभ उठाने का अवसर मिला।
