हमीरपुर में वोल्वो बसों की जांच, बिना बिल का सामान पकड़ा; 80 हजार रुपये जुर्माना वसूला
दिल्ली से हमीरपुर पहुंच रही वोल्वो बसों में व्यापारियों का बिना बिल का सामान मिलने से जीएसटी विभाग हरकत में आया है।
भोटा, मोरसू और बड़सर में चलाए गए जांच अभियान के दौरान आर्टिफिशियल ज्वैलरी, कॉस्मेटिक्स और रेडीमेड कपड़ों समेत कई तरह का सामान पकड़ा गया।
हमीरपुर। दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर पहुंचने वाली वोल्वो बसों में बिना बिल के व्यापारिक सामान भेजे जाने का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग हमीरपुर की टीम ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए बसों में रखे सामान की जांच की और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सामान को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। विभाग के अनुसार, अब तक इस मामले में 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
जीएसटी विभाग की टीम ने भोटा, मोरसू और बड़सर क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान की शुरुआत सुबह करीब तीन बजे मोरसू बाईपास मार्ग से हुई, जो दोपहर तक जारी रहा। इस दौरान बाहरी राज्यों से हमीरपुर आ रही वोल्वो बसों को रोककर उनमें यात्रियों के सामान के साथ भेजे जा रहे व्यापारिक माल की भी पड़ताल की गई।
करीब दस व्यापारियों का सामान जांच के दायरे में
जांच के दौरान टीम को आर्टिफिशियल ज्वैलरी, कॉस्मेटिक्स, रेडीमेड कपड़े, मनियारी और अन्य व्यापारिक सामान मिला। बताया जा रहा है कि यह सामान करीब दस व्यापारियों से संबंधित है। जांच के दौरान संबंधित सामान के बिल और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
जुर्माने की राशि बढ़ने की संभावना
जीएसटी विभाग के अनुसार, अब तक 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, पकड़े गए कुछ सामान से जुड़े मामलों में जुर्माने की राशि तय की जानी बाकी है। ऐसे में जांच और आकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल जुर्माने की राशि बढ़ सकती है।
सुबह तड़के शुरू हुए इस अभियान से वोल्वो बसों के माध्यम से व्यापारिक सामान मंगवाने वाले कारोबारियों में हलचल देखी गई। विभागीय टीम ने सामान के बिलों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की।
जीएसटी विभाग हमीरपुर के सहायक आयुक्त कुलदीप सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि वोल्वो बसों से बिना बिल का सामान पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 80 हजार रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है, जबकि कुछ मामलों में जुर्माने का निर्धारण अभी किया जाना बाकी है।
