यमुना शरद महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में पहुंचे हर्षवर्धन चौहान, लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
यमुना आरती में शामिल होकर उद्योग मंत्री ने किया सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ, महोत्सव की स्मारिका का भी किया विमोचन
पांवटा साहिब, 25 अक्तूबर। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोक संस्कृति के संगम पांवटा साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम से पहले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान यमुना घाट पर आयोजित आरती में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान उन्हें टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने यमुना शरद महोत्सव की यादों को संजोने के उद्देश्य से प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
पांवटा साहिब की पहचान धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी
समारोह को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पांवटा साहिब धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में जाना जाता है। यमुना नदी के किनारे बसे इस शहर का दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी से गहरा ऐतिहासिक संबंध है। हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड और हरियाणा की सीमाओं से सटे होने के कारण यहां विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि यमुना शरद महोत्सव जैसे आयोजन लोक संस्कृति और पुरानी परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, मेलों और त्योहारों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।
नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी
उद्योग मंत्री ने कहा कि मेले और त्योहार किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान होते हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति पर गर्व कर सकें।
पुरानी पेंशन बहाली और डीए का किया जिक्र
अपने संबोधन में हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है, जिससे प्रदेश के लगभग 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ मिला है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षा मिली है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया है। इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।
कई गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने मुख्य अतिथि हर्षवर्धन चौहान को टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में एसडीएम कांगड़ा अंजली गर्ग, एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार, जोगिंद्रा बैंक के निदेशक असगर अली, एचपीएसआईडीसी के निदेशक रमेश देसाईक, खाद्य एवं आपूर्ति निगम की निदेशक नसीमा बेगम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांवटा के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह रतन, शिलाई ब्लॉक से कल्याण धामटा, नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर, उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मीक्का, अश्विनी शर्मा, अवनीत सिंह लांबा, तपेन्द्र सैनी, ओएसडी अत्तर राणा, महाप्रबंधक उद्योग रचित शर्मा, तहसीलदार मस्त राम शर्मा, ईओएमसी कंचन बाला, हिमोत्कर्ष के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी तथा नगर परिषद के पार्षदों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
