त्रिलोकपुर मंदिर में उमड़े 6 हजार श्रद्धालु, 15वें दिन 22.15 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ाया
महामाया माता बालासुंदरी के दरबार में दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता, सुबह 4 बजे खोले गए मंदिर के कपाट
कालाअंब (सिरमौर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया माता बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में आश्विन शारदीय नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था लगातार उमड़ रही है। मेले के 15वें दिन करीब 6 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर में कुल 22 लाख 15 हजार 640 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ।
मेला अधिकारी एवं तहसीलदार नाहन उपेंद्र कुमार ने बताया कि नवरात्रि मेले के 15वें दिन लगभग 6,000 श्रद्धालु महामाया माता बालासुंदरी के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। मंदिर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खोल दिए गए थे। इसके बाद माता के श्रृंगार और मुख्य आरती की प्रक्रिया संपन्न करवाई गई। मुख्य आरती के उपरांत श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध तरीके से मंदिर में दर्शन के लिए भेजा गया।
त्रिलोकपुर स्थित महामाया माता बालासुंदरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान हिमाचल प्रदेश सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है। श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं।
मेले के 15वें दिन प्राप्त 22.15 लाख रुपये से अधिक का नकद चढ़ावा श्रद्धालुओं की माता के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। मंदिर प्रशासन की ओर से निर्धारित समय पर कपाट खोलकर श्रृंगार और आरती के बाद दर्शन की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकें।
