
नाहन में तनाव पर भारी पड़ा भाईचारा, पुराने रूट से निकली वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा
पथराव की घटना के बाद संवेदनशील बने माहौल में दोनों समुदायों ने पेश की सौहार्द की मिसाल, गोबिंदगढ़ में हुआ शोभायात्रा का स्वागत। विधायक अजय सोलंकी की पहल और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुआ आयोजन।
नाहन, 25 अक्तूबर। शुक्रवार को हुई पत्थरबाजी के बाद नाहन में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच रविवार को आपसी एकता और भाईचारे की सकारात्मक तस्वीर सामने आई। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा को लेकर दोनों समुदायों के बीच सहमति बनी और यात्रा प्रशासन के बदले हुए रूट के बजाय पारंपरिक मार्ग से गोबिंदगढ़ होते हुए दिल्ली गेट तक पहुंची। गोबिंदगढ़ में सिख समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। इस दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक अजय सोलंकी ने किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई देते हुए लोगों से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। यात्रा वाल्मीकि नगर से शुरू हुई और गोबिंदगढ़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उसका स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्द और शांति बनाए रखने का संदेश दिया गया।
विधायक की पहल से पुराने मार्ग पर बनी सहमति
शुक्रवार को नाहन के वाल्मीकि चौक पर स्वागत द्वार को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते झड़प और पथराव में बदल गया था। इस घटना में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे, जबकि सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। विवाद के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद स्थिति को सामान्य बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने शोभायात्रा के मार्ग में बदलाव करने का निर्णय लिया था। शनिवार को डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा और विधायक अजय सोलंकी की मौजूदगी में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति पर चर्चा की गई थी।
हालांकि, रविवार सुबह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विधायक अजय सोलंकी की अध्यक्षता में एक बार फिर बैठक हुई। इसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति जताते हुए शोभायात्रा को पुराने मार्ग से निकालने का निर्णय लिया। सिख समुदाय के लोगों ने यात्रा के स्वागत और उसमें साथ चलने पर भी सहमति व्यक्त की।
कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुआ आयोजन
शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने संभाली। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा और पूरे आयोजन पर नजर रखी गई। शोभायात्रा बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुई।
शुक्रवार की घटना के बाद रविवार को दोनों समुदायों के बीच बनी सहमति और गोबिंदगढ़ में हुए स्वागत ने नाहन में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अहमियत को सामने रखा।
