हिमाचल: स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दोनों पुराने संगठन भंग, राजीव रमौल को मिली प्रदेश अध्यक्ष की कमान
सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने और पदोन्नति के अवसर देने की मांग उठाएगा नया संगठन, नाहन की बैठक में करीब 130 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
नाहन, 25 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है। दो पुराने संगठनों को भंग कर संयुक्त राज्य स्तरीय संगठन बनाने का फैसला लिया गया है। नाहन में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में सिरमौर के राजीव रमौल को सर्वसम्मति से नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। अब कर्मचारियों की लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाने और संगठन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी संभालेगी।
मैडीकल कॉलेज नाहन में हुई इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 130 कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठनात्मक मतभेदों, जिलों की भागीदारी, वित्तीय जवाबदेही और कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर कर्मचारियों के हितों के लिए काम करने पर सहमति जताई।
मतभेदों के बीच दोनों पुराने संगठन भंग करने का फैसला
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए प्रदेश में दो अलग-अलग संगठन काम कर रहे थे। इनमें वर्ष 2017 में गठित राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभाग महासंघ हिमाचल प्रदेश और वर्ष 2025 में बना स्टेट लेवल यूथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसोसिएशन शामिल थे।
दोनों संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए पहले भी कई बैठकें आयोजित की गई थीं, लेकिन अपेक्षित सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद बैठक में मौजूद जिला प्रधानों और प्रतिनिधियों ने दोनों पुराने संगठनों को भंग कर एक संयुक्त संगठन के गठन का निर्णय लिया।
बैठक में 6 सितंबर 2026 को धर्मशाला में सात जिलों के प्रतिनिधियों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सार्वजनिक किए गए निर्णय पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन के संचालन में सभी जिलों के पदाधिकारियों को विश्वास में लेना जरूरी है, ताकि आपसी मतभेद और गुटबाजी की स्थिति से बचा जा सके।
वित्तीय पारदर्शिता पर भी उठे सवाल
बैठक में संगठन के आय-व्यय का पूरा विवरण जिला प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठा। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि करीब 15 महीनों से वित्तीय विवरण साझा नहीं किया गया। इसके अलावा जिला प्रधानों की ओर से बुलाई गई तीन बैठकों में प्रदेश कार्यकारिणी के अधिकांश पदाधिकारी शामिल नहीं हुए।
इस पर निर्णय लिया गया कि वर्ष 2025 में गठित पुराने संगठन की कार्यकारिणी के साथ अलग बैठक की जाएगी। इस बैठक में जिला प्रधानों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आय-व्यय का पूरा हिसाब प्रस्तुत करने का आग्रह किया जाएगा। नई कार्यकारिणी ने भविष्य में संगठन के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।
नई कार्यकारिणी में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
प्रदेश स्तरीय बैठक में राजीव रमौल को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा चंबा के चमन भरमौरी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कांगड़ा के त्रिलोक कपूर को प्रदेश महासचिव, मंडी के नारायण भारद्वाज को संयुक्त सचिव और सोलन के कुलदीप शर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
उपाध्यक्ष पद पर कनिष्क, अनिल कुमार, अवतार सिंह, राम लाल, विनोद कुमार, डाली कुमार, वीरेंद्र कुमार, मोहित चौहान और सुरेश को शामिल किया गया।
एसोसिएशन सचिव के रूप में प्रेम चंद, नंदन, विनय राजपूत, रविंदर, श्याम लाल ढिल्लों और सुभाष को जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारिणी सदस्यों में कर्मवीर, सीताराम, बिमला, रीना, शांता, अनिल कुमार, मलिका तोमर, अरविंद तोमर और बुध राम शामिल किए गए।
रमेश भारद्वाज को कानूनी सलाहकार बनाया गया, जबकि लायक राम, रामस्वरूप शर्मा, चंद्रमणि, रणजीत और कर्मचंद को मुख्य सलाहकार एवं वरिष्ठ सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। मनोहर को प्रेस सचिव और बुध राम को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए सेवानिवृत्ति आयु
बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों को सरकार और संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया। संगठन की प्रमुख मांग है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु मौजूदा 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए।
इसके साथ ही कर्मचारियों के कार्य के अनुरूप सम्मानजनक ड्रेस कोड लागू करने और पांच वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद पदोन्नति के उचित अवसर उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि सेवा संबंधी समस्याओं और अन्य लंबित मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।
कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके सम्मान, सेवा शर्तों और भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
डीए और एरियर में राहत के लिए मुख्यमंत्री का आभार
बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने तथा दीपावली के अवसर पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10,000 रुपये के एरियर से संबंधित राहत के लिए आभार जताया गया। संगठन ने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
सामूहिक नेतृत्व और पारदर्शिता पर रहेगा जोर: रमौल
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजीव रमौल ने सभी जिला प्रधानों और कर्मचारी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और सभी जिलों को एक साझा मंच पर लाना है।
उन्होंने कहा कि संगठन में किसी भी पदाधिकारी को मनमानी करने की छूट नहीं होगी। महत्वपूर्ण निर्णय आपसी विचार-विमर्श और जिला प्रधानों व कार्यकारिणी की भागीदारी से लिए जाएंगे। संगठन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
रमौल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों के प्रतिनिधियों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ कर्मचारी हितों के लिए काम करने का आह्वान किया।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी प्रदेश के सभी जिलों को समान महत्व देते हुए कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाएगी।
