हिमाचल: पेंशनरों की लंबित देनदारियों पर बढ़ा गुस्सा, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
17 सूत्रीय मांगपत्र पर वार्ता नहीं होने से नाराज पेंशनर, डीए-डीआर की किस्त और छठे वेतन आयोग के बकाये को लेकर उठाई आवाज
नाहन, 25 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। 17 सूत्रीय मांगपत्र पर वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने से खफा पेंशनरों ने अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत पेंशनरों को एकजुट कर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा के नेतृत्व में छह सदस्यीय कमेटी विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें कर रही है। रविवार को अभियान के तहत जिला सिरमौर के नाहन में पेंशनरों की बैठक आयोजित की गई। इसके बाद पांवटा साहिब ब्लॉक के भगानी साहिब में भी बैठक कर लंबित मांगों पर चर्चा की गई।
समिति के अनुसार, इससे पहले किन्नौर, काजा, रामपुर बुशैहर, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू, छौवारा, डोडरा-क्वार, शिमला के ग्रामीण क्षेत्र कोहबाग और सोलन सहित कई स्थानों पर अभियान चलाया जा चुका है।
17 सूत्रीय मांगपत्र पर सरकार से वार्ता की मांग
भूपराम वर्मा ने बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों की राज्यस्तरीय बैठक आयोजित हुई थी। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में हुई इस बैठक में पेंशनरों की समस्याओं को लेकर प्रदेशभर में जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, सदस्यता बढ़ाना और गांवों तथा पंचायत स्तर पर छोटी समितियों का गठन करना है। समिति की ओर से सरकार को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन अभी तक वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। इससे पेंशनरों में रोष है।
वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई और लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में शामिल पेंशनरों ने भी अपनी परेशानियां साझा करते हुए मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
डीए-डीआर की किस्त और छठे वेतन आयोग का बकाया उठाया
समिति ने पेंशनरों की आर्थिक देनदारियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। भूपराम वर्मा के अनुसार, सरकार पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से बकाया राशि का चरणबद्ध भुगतान करने की बात कह रही है, लेकिन पेंशनरों को अभी भी अपनी देनदारियों का इंतजार है।
उन्होंने महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की किस्तों का जिक्र करते हुए दावा किया कि हाल ही में 5 प्रतिशत की किस्त जारी की गई है, जबकि 10 प्रतिशत की महंगाई भत्ता एवं राहत राशि अभी लंबित है। इसके अतिरिक्त छठे वेतन आयोग से संबंधित करोड़ों रुपये की देनदारियां भी बाकी होने की बात कही गई।
समिति ने मांग की कि पेंशनरों को उनकी बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
पेंशन कम्यूटेशन के मामलों पर भी जताई नाराजगी
बैठक में पेंशन कम्यूटेशन से जुड़े मामलों का मुद्दा भी उठा। वर्मा ने 14 सितंबर 2026 को वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि महालेखाकार कार्यालय में स्वीकृत मामलों का भुगतान करने से भी इनकार किया गया है। उन्होंने इसे पेंशनरों के लिए चिंता का विषय बताते हुए लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने की मांग की।
पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के खाते को लेकर उठाए सवाल
भूपराम वर्मा ने पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के बैंक खाते की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की माल शाखा, शिमला स्थित खाते में अब केवल 46 हजार रुपये शेष हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में बैंक प्रबंधक को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि संबंधित व्यक्ति को खाते से किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति न दी जाए।
सिरमौर महिला विंग के संयोजक की नियुक्ति
नाहन में हुई बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक ओ.एल. चौहान ने की। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में सभी ब्लॉकों में बैठकें आयोजित की जाएंगी।
बैठक में पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी, प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, जिला शिमला संयोजक मोहन ठाकुर और सचिवालय पेंशनर संघ के प्रधान मदन शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने विचार रखे। इस दौरान अजय वर्मा को जिला सिरमौर महिला विंग का संयोजक नियुक्त किया गया।
भगानी साहिब में भी जुटे पेंशनर
नाहन में बैठक के बाद पांवटा साहिब ब्लॉक के भगानी साहिब में भी पेंशनरों की बैठक हुई। इसमें गुरदयाल सिंह पंवार, प्रीतम चौहान, विजय ठाकुर, विक्रम मोहिल, गीता राम तोमर, जगदीश ठाकुर, परवेज इकबाल, राम स्वरूप चौहान, अश्वनी ठाकुर, डी.आर. शर्मा और मोहन लाल ठाकुर सहित कई लोग शामिल हुए।
संयुक्त संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि पेंशनरों की लंबित देनदारियों और 17 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर जन-जागरण अभियान जारी रहेगा। समिति सरकार से जल्द वार्ता शुरू कर मांगों का समाधान करने की मांग उठाती रहेगी।
