हिमाचल: कसौली में फर्जी सैन्य अधिकारी गिरफ्तार, बैजनाथ का युवक होटल में करता था शेफ का काम
कसौली के संवेदनशील छावनी क्षेत्र में सेना की वर्दी पहनकर खुद को सैन्य अधिकारी बताने का मामला सामने आया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट पर पुलिस ने बैजनाथ निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से सैन्य वर्दी में तस्वीर वाला लिकर कार्ड बरामद हुआ है।
सोलन (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश के कसौली छावनी क्षेत्र में कथित तौर पर फर्जी सैन्य अधिकारी बनकर घूम रहे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अर्पण कटोच निवासी गांव टिकरी, बैजनाथ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कसौली के एक निजी होटल में शेफ के तौर पर काम करता था और सुनारडी गांव में किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस को यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस की कसौली इकाई से मिली गुप्त सूचना के आधार पर करनी पड़ी। सूचना के मुताबिक, गांव कोट और आसपास के क्षेत्रों में एक युवक सेना की वर्दी और बैज का इस्तेमाल कर खुद को सेवारत सैन्य अधिकारी बता रहा था। छावनी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना स्थानीय पुलिस के साथ साझा की गई।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
गढ़खल पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई ललित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सुनारडी क्षेत्र में संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अपने सैन्य पहचान संबंधी दावों के समर्थन में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
तलाशी के दौरान उसके पास से सेना का लिकर कार्ड बरामद हुआ। कार्ड पर आरोपी की सैन्य वर्दी में तस्वीर और नाम अंकित था। पुलिस ने जब कार्ड की प्रामाणिकता और उसे हासिल करने से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो आरोपी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
BNS की धारा 168 के तहत मामला दर्ज
इस मामले में कसौली थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 168 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने सेना का लिकर कार्ड और सैन्य वर्दी कहां से हासिल की थी।
इसके अलावा, संवेदनशील छावनी क्षेत्र के आसपास उसकी गतिविधियों और वहां घूमने के पीछे की वास्तविक मंशा की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी परवाणू अनिल शर्मा के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सैन्य पहचान से संबंधित सामग्री आरोपी तक किस माध्यम से पहुंची।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
