हिमाचल चुनाव 2027: चिराग पासवान की पार्टी भी उतरेगी मैदान में, भाजपा से सीट बंटवारे पर होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। चिराग पासवान की पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका फैसला भाजपा के साथ गठबंधन और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति के आधार पर होगा।
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी प्रदेश में संगठन मजबूत करने और चुनावी तैयारियां शुरू करने की बात कही है। हालांकि, पार्टी अपने दम पर कितनी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी या गठबंधन के तहत कितनी सीटें मिलेंगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन चौहान ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में चुनाव लड़ने की तैयारियों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में चुनाव और सीटों के बंटवारे से जुड़े फैसले लिए जाएंगे। भाजपा के साथ गठबंधन को देखते हुए हिमाचल में सीटों की संख्या तय करने का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व के पास रहेगा।
नई प्रदेश कार्यकारिणी को मंजूरी का इंतजार
प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पार्टी ने पुरानी प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नितिन चौहान के मुताबिक, नई कार्यकारिणी की सूची प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र कुदुरिया को सौंप दी गई है। अब केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
बेरोजगारी, नशा और जनसमस्याओं पर रहेगा फोकस
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल में बेरोजगारी युवाओं के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ किसानों, मजदूरों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाएगी। इसके अलावा बिजली और सड़क संबंधी समस्याओं तथा नशे के बढ़ते प्रचलन को लेकर भी आवाज उठाने की बात कही गई।
चौहान ने बताया कि पार्टी का प्रयास रहेगा कि केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल में नए संस्थान और रोजगार उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं लाई जाएं, ताकि प्रदेश के युवाओं को अधिक अवसर मिल सकें।
1,200 तक सदस्य जुड़े, 20 हजार तक पहुंचने का लक्ष्य
हिमाचल में संगठन का विस्तार करने के लिए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सदस्यता अभियान चला रही है। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, अब तक लगभग 1,000 से 1,200 लोग पार्टी से जुड़ चुके हैं। पार्टी का लक्ष्य आने वाले समय में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 हजार से 20 हजार तक पहुंचाना है।
पार्टी पदाधिकारी सदस्यता अभियान के माध्यम से नए लोगों को संगठन से जोड़ने में जुटे हैं। अब आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भूमिका कितनी बड़ी होगी, यह काफी हद तक भाजपा के साथ सीटों के बंटवारे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा। फिलहाल पार्टी का जोर संगठन विस्तार और प्रदेश के स्थानीय मुद्दों को उठाने पर है।
