हिमाचल के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त, 30 दिन में CCTV लगाने के निर्देश; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
स्कूल गेट से लेकर आने-जाने वाले रास्तों तक रहेगी नजर, डीजीपी ने सरकारी और निजी स्कूलों को जारी किए निर्देश
शिमला। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हिमाचल पुलिस ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। अब स्कूलों के भीतर ही नहीं, बल्कि मुख्य गेट, प्रवेश-निकास द्वारों और स्कूल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। सुरक्षा इंतजामों में कमी पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं मुख्य अध्यापकों को पत्र जारी कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा से जुड़ी कमियों को अगले 30 दिनों के भीतर दूर करना होगा।
स्कूल के बाहर भी कैमरों से होगी निगरानी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल स्कूल परिसर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है। स्कूल के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों और वहां तक आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी जरूरी है। इसके लिए गेट के दोनों ओर कैमरे लगाने और संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, स्कूलों को सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच एवं रखरखाव करने, फुटेज को सुरक्षित रखने और स्कूल में आने वाले लोगों की पहचान का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय गेट पर विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है।
शिमला की घटना के बाद बाहरी सुरक्षा पर जोर
डीजीपी ने निर्देशों के संदर्भ में शिमला के बीसीएस स्कूल के गेट के पास पिछले वर्ष हुई उस घटना का उल्लेख किया, जिसमें तीन छात्रों के अपहरण की वारदात सामने आई थी। हालांकि, तीनों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया था, लेकिन इस घटना ने स्कूलों के बाहरी सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की जरूरत को उजागर किया था।
पुलिस का मानना है कि स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे बच्चों की आवाजाही के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके और जरूरत पड़ने पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिले।
बच्चों और अभिभावकों को 112 हेल्पलाइन की जानकारी देने की अपील
पुलिस ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से बच्चों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के बारे में जागरूक करने की अपील की है। किसी आपात स्थिति में इस नंबर का उपयोग कर पुलिस एवं संबंधित आपातकालीन सेवाओं से सहायता मांगी जा सकती है।
इस अभियान के तहत पुलिस मुख्यालय शिमला में नवंबर के पहले सप्ताह में निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करने की भी योजना है। बैठक में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और जारी निर्देशों के अनुपालन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूल निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक इंतजाम पूरे करें। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
