हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी पीजी की 320 सीटें, केंद्र से 415 करोड़ रुपये मंजूर
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम, डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार से समय पर काम पूरा करने की उठाई मांग
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञता हासिल करने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 320 नई सीटों को मंजूरी देने के साथ चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 415 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी स्वीकृत की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शनिवार को इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को विस्तार मिलेगा और भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एमडी-एमएस की पढ़ाई के लिए बढ़ेंगे अवसर
डॉ. बिंदल के अनुसार, पीजी सीटों में बढ़ोतरी से मेडिकल कॉलेजों में एमडी और एमएस जैसे पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिल सकते हैं। मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग तथा नाक-कान-गला सहित विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ने से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
415 करोड़ रुपये के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत 415 करोड़ रुपये का उपयोग निर्धारित समयसीमा के भीतर और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से आग्रह किया कि नई पीजी सीटों को शुरू करने के लिए आवश्यक भवन, आधुनिक उपकरण, शिक्षकों और अन्य सुविधाओं की समय रहते व्यवस्था की जाए।
डॉ. बिंदल ने दावा किया कि केंद्र सरकार इससे पहले भी हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों के भवनों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थानों, कैंसर संस्थानों और आधुनिक प्रयोगशालाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ परियोजनाओं में देरी और स्वीकृत धनराशि के समुचित उपयोग की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पुरानी परियोजनाओं की समीक्षा की मांग
डॉ. बिंदल ने प्रदेश सरकार से पूर्व में स्वीकृत स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और उनमें आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नई पीजी सीटों को निर्धारित समय पर शुरू करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के अवसर मिलें और स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में निवेश का लाभ विद्यार्थियों के साथ-साथ आम जनता को भी मिलना चाहिए। अब यह सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि स्वीकृत धनराशि और नई सीटों का लाभ समयबद्ध तरीके से धरातल पर दिखाई दे।
नोट: सीटों और वित्तीय सहायता से संबंधित विवरण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के बयान पर आधारित हैं।
