सिरमौर में बेसहारा गोवंश से मिलेगी राहत! मार्च 2027 से पहले जिले को गोवंश मुक्त बनाने का लक्ष्य
228 ग्राम पंचायतों में 302 बेसहारा गोवंश चिह्नित, पुनर्वास के लिए प्रशासन ने तेज की कार्रवाई
नाहन (सिरमौर), 22 अक्टूबर। जिला सिरमौर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन ने मार्च 2027 से पहले जिले को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जिला समन्वय समिति (DCC) की बैठक वीरवार को उपायुक्त कार्यालय नाहन में उपायुक्त सिरमौर सुश्री प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान भी उपस्थित रहे।
जिले में 302 बेसहारा गोवंश चिह्नित
बैठक के दौरान पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव वालिया ने जिले में बेसहारा गोवंश की स्थिति और उनके पुनर्वास से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिला सिरमौर की 228 ग्राम पंचायतों में कुल 302 बेसहारा गोवंश दर्ज किए गए हैं। जिले में वर्तमान में 17 गौशालाएं एवं गौसदन हैं, जिनकी सूचित क्षमता 1,540 पशुओं की है।
43 गोवंश को कोटला बड़ोग गौशाला भेजा
प्रशासन की ओर से बेसहारा गोवंश के पुनर्वास के लिए पहले से कार्रवाई की जा रही है। 8 सितंबर 2026 से अब तक 43 बेसहारा गोवंश को कोटला बड़ोग गौशाला में स्थानांतरित किया जा चुका है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस कार्य को अभियान मोड में लगातार जारी रखा जाए, ताकि बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाने के साथ उनका व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
सड़क हादसों की रोकथाम पर भी जोर
बैठक में बेसहारा गोवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाहन शहर और नाहन-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण वाहन चालकों और आम लोगों को होने वाले जोखिम को कम किया जा सके।
पशु मालिकों की पहचान और टैगिंग के निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को पशु मालिकों की पहचान करने, लागू कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पशुओं की टैगिंग और पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नियमित निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से मार्च 2027 से पहले सिरमौर में बेसहारा गोवंश की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए और पशुओं के पुनर्वास के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो।
