सिरमौर में धूमधाम से मनाया दशहरा, धू-धू कर जले रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले
नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में उमड़ा जनसैलाब, रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगाया आसमान; एक मंच पर दिखे कांग्रेस और भाजपा के नेता
नाहन (सिरमौर)। ऐतिहासिक चौगान मैदान में जब रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों ने आग पकड़ी, तो पूरा मैदान जयकारों और उत्साह से गूंज उठा। हजारों लोगों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने विजयादशमी के उल्लास के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
जिला सिरमौर में मंगलवार को दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय नाहन के चौगान मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में बड़ी संख्या में लोग पुतला दहन देखने पहुंचे। मैदान में भीड़ का आलम यह रहा कि आसपास की सड़कों के किनारे भी लोग खड़े होकर इस आयोजन के साक्षी बने।
कांग्रेस और भाजपा के नेता एक मंच पर आए नजर

नाहन में आयोजित दशहरा समारोह में राजनीतिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली। स्थानीय कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने संयुक्त रूप से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया।
इस दौरान विधायक अजय सोलंकी, डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दशहरा पर्व को सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक बताते हुए लोगों से अहंकार, अन्याय और बुराइयों को त्यागकर सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
समारोह में डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा, एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान, नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान, नगर परिषद के पार्षदों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
आतिशबाजी से जगमगाया चौगान मैदान

पुतला दहन के बाद चौगान मैदान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का शानदार नजारा देखने को मिला। करीब आधे से पौने घंटे तक चली आतिशबाजी से आसमान रोशनी के विभिन्न रंगों से जगमगा उठा। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने इस दृश्य का आनंद लिया।
आतिशबाजी के बाद समारोह के अंतिम चरण में लंका दहन किया गया। इसके साथ ही नाहन में विजयादशमी के मुख्य कार्यक्रम का समापन हुआ।
कालाअंब, सैनवाला, ददाहू और पांवटा साहिब में भी दशहरे की धूम

सिरमौर के अन्य क्षेत्रों में भी दशहरा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। कालाअंब, सैनवाला, ददाहू और पांवटा साहिब में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।
ददाहू में दशहरा आयोजन का अंदाज खास रहा। यहां भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले कलाकार ऊंट पर सवार होकर रावण दहन के लिए पहुंचे। इस अनोखे दृश्य ने आयोजन को अलग पहचान दी और लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।
