हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत, अब 15 साल तक वैध रहेगा बेसिक परमिट
बार-बार परमिट रिन्यू करवाने की झंझट से मिलेगी राहत, समय और खर्च दोनों बचेंगे। हिमाचल प्रदेश सरकार के इस फैसले से टैक्सी कारोबारियों को वाहन संचालन की योजना बनाने में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में टैक्सी ऑपरेटरों के लिए परमिट की वैधता को लेकर अहम फैसला लिया गया है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) के बाद अब बेसिक परमिट की वैधता भी 15 साल तक बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे प्रदेश के टैक्सी कारोबारियों को बार-बार परमिट का नवीनीकरण करवाने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि बेसिक परमिट की वैधता बढ़ाने को लेकर आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले से टैक्सी ऑपरेटरों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परमिट रिन्यू करवाने में होने वाले खर्च और औपचारिकताओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
टैक्सी कारोबारियों को कैसे मिलेगा फायदा?
परमिट की अवधि बढ़ने से ऑपरेटरों को अपने वाहनों के संचालन और कारोबार की योजना लंबे समय के लिए तैयार करने में सुविधा मिलेगी। बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम होने से उन्हें प्रशासनिक औपचारिकताओं में लगने वाला समय बचाने में भी मदद मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में टैक्सी कारोबार पर्यटन क्षेत्र का अहम हिस्सा है। शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में टैक्सियों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में परमिट की वैधता बढ़ाने के फैसले को पर्यटन परिवहन से जुड़े कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वेलफेयर एसोसिएशन ने फैसले को बताया राहत भरा
वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राम रत्न शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट से संबंधित अधिसूचना और बेसिक परमिट की वैधता बढ़ाने के आदेश जारी होने से टैक्सी ऑपरेटरों को राहत मिलेगी।
परमिट की अवधि बढ़ने से टैक्सी कारोबारियों को अपनी रोजमर्रा की व्यावसायिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नवीनीकरण संबंधी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय और खर्च को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
दैनिक जनवार्ता | हिमाचल प्रदेश
