हिमाचल में बढ़ेंगी पीजी की 320 सीटें, मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें 277 से बढ़ाकर 597 करने की तैयारी है, जिससे भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्नातकोत्तर (पीजी) की 320 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को प्रस्ताव भेजा है। इस पहल का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने के साथ सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
पांच मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की योजना
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इनमें प्रमुख संस्थानों की प्रस्तावित सीटें इस प्रकार हैं:
- आईजीएमसी शिमला: 139 से बढ़ाकर 230 सीटें
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा: 99 से बढ़ाकर 156 सीटें
- लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक मंडी: 24 से बढ़ाकर 79 सीटें
- पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चंबा: 4 से बढ़ाकर 32 सीटें
- डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर: 8 से बढ़ाकर 65 सीटें
इन पांच मेडिकल कॉलेजों में ही प्रस्ताव के अनुसार पीजी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की योजना है। प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में कुल 277 पीजी सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 597 करने का लक्ष्य रखा गया है।
नाहन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर चुकी है एनएमसी की टीम
पीजी सीटों के विस्तार की प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम हाल ही में नाहन मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत ढांचे का निरीक्षण कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को निरीक्षण के बाद सकारात्मक संकेत मिलने की बात कही गई है। अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें बढ़ाने के लिए एनएमसी की निरीक्षण प्रक्रिया प्रस्तावित है।
सीटों में बढ़ोतरी के लिए मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें आधुनिक चिकित्सा उपकरण, प्रयोगशालाएं, शिक्षण सुविधाएं, आधारभूत ढांचा और अध्यापन स्टाफ की उपलब्धता शामिल है।
सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
पीजी सीटों में प्रस्तावित वृद्धि से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की क्षमता बढ़ सकती है। इससे आने वाले समय में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में पीजी सीटें बढ़ाने के लिए एनएमसी को प्रस्ताव भेजा गया है। नाहन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण हो चुका है और अन्य संस्थानों में भी निरीक्षण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर लोगों को एम्स और पीजीआई की तर्ज पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
हालांकि, 320 अतिरिक्त पीजी सीटों का विस्तार फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। इन सीटों पर प्रवेश का रास्ता एनएमसी की नियामकीय प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद ही साफ होगा।
