कुल्लू दशहरा: देवभूमि में उमड़ने लगा देवताओं का कारवां, 21 अक्तूबर को निकलेगी भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा
ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच करीब 200 देवी-देवता कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए अपने देवालयों से निकल पड़े हैं। 21 अक्तूबर को भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आगाज होगा।
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की देवभूमि कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देव परंपराओं और आस्था के इस अनूठे महाकुंभ में भाग लेने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों और देवलुओं की मौजूदगी के बीच देवताओं के देवरथ कुल्लू की ओर बढ़ रहे हैं।
अब तक चार देवी-देवता ढालपुर मैदान पहुंच चुके हैं। वहीं, बिजली महादेव, शृंगा ऋषि, खुडीजल और व्यास ऋषि सहित कई अन्य देवी-देवता भी अपनी यात्रा का बड़ा हिस्सा पूरा कर चुके हैं। मंगलवार शाम तक ढालपुर में देवताओं की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मनाली से माता हिडिंबा भी मंगलवार को कुल्लू के लिए प्रस्थान करेंगी।
रोजाना 40 से 50 किलोमीटर पैदल चल रहे देवी-देवता
कुल्लू दशहरा की खास पहचान यहां की सदियों पुरानी देव परंपराएं हैं। उत्सव में शामिल होने के लिए कई देवी-देवता अपने देवालयों से सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। देव कारवां में शामिल देवी-देवता रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। इनमें से कई देवता 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पार कर ढालपुर पहुंचेंगे।
दशहरा उत्सव समिति की ओर से जिले के कुल 347 देवी-देवताओं को उत्सव में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में ढालपुर मैदान में देव संस्कृति और परंपराओं का भव्य नजारा देखने को मिलेगा।
21 अक्तूबर को भगवान रघुनाथ की रथयात्रा से होगा शुभारंभ
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का शुभारंभ 21 अक्तूबर को भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ होगा। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच भगवान रघुनाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देवी-देवताओं और उनके साथ आने वाले देवलुओं की भागीदारी उत्सव के आकर्षण को और बढ़ाएगी।
27 अक्तूबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। कुल्लू दशहरा अपनी विशिष्ट देव संस्कृति, पारंपरिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक मान्यताओं के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है।
सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे 1200 पुलिस जवान
उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1200 पुलिस जवान तैनात रहेंगे।
इसके अलावा, सोने-चांदी के मुखौटों से सजे देवी-देवताओं के देवरथों और उनके शिविरों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
कुल्लू में दशहरा उत्सव की शुरुआत के साथ ही पूरा क्षेत्र देव आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक उत्साह के रंग में रंगने को तैयार है। अब सभी की निगाहें 21 अक्तूबर को निकलने वाली भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा पर टिकी हैं, जिसके साथ देवभूमि के इस ऐतिहासिक उत्सव का औपचारिक आगाज होगा।
