ऊना में राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी, दो साल में 9,647 मामलों पर कार्रवाई
इंतकाल से लेकर निशानदेही तक लंबित मामलों के समाधान पर जोर, विशेष राजस्व अदालतों के जरिए लोगों को समयबद्ध सेवाएं देने की पहल
ऊना। राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए ऊना जिला प्रशासन ने विशेष अभियान के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले दो वर्षों में जिले में इंतकाल, निशानदेही, तकसीम और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े कुल 9,647 मामलों में कार्रवाई की गई है। प्रदेश सरकार के विशेष अभियान के अनुरूप प्रशासन का जोर लंबित मामलों को कम करने और लोगों को राजस्व सेवाएं सरल व समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने पर है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा कर रहा है। इसका उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों के निपटारे में तेजी लाना तथा आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।
इंतकाल और निशानदेही के मामलों पर विशेष ध्यान
जिला प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 और 2026 में अब तक कुल 9,647 मामलों में कार्रवाई की गई है। इनमें 7,265 इंतकाल, 1,597 निशानदेही, 590 तकसीम और 195 राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से संबंधित मामले शामिल हैं।
भूमि के स्वामित्व में बदलाव दर्ज करने, जमीन की सीमाओं का निर्धारण करने, बंटवारे और राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों को ठीक करने जैसे कार्य आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों के समय पर निपटारे से लोगों को राहत मिलने के साथ भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
सप्ताह में तीन दिन विशेष तकसीम अदालतें
लंबित मामलों के निपटारे को गति देने के लिए जिले में विशेष राजस्व अदालतों के आयोजन पर भी जोर दिया जा रहा है। जारी जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष तकसीम अदालतें आयोजित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, महीने के अंतिम दो दिनों में राजस्व अदालतें लगाने की व्यवस्था भी की गई है।
इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनना और उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है, ताकि लोगों को भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
15 दिसंबर तक रिकॉर्ड दुरुस्ती की लंबित प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
उपायुक्त जतिन लाल ने अधिकारियों को राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साझा जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर तक रिकॉर्ड दुरुस्ती की लंबित प्रक्रिया को शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही इंतकाल और जमाबंदी से संबंधित मामलों की लंबित संख्या कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर नियमित समीक्षा के माध्यम से अधिकारियों को प्रगति में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है।
विकास परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण भी प्राथमिकता
जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से उपमंडल स्तर पर समीक्षा कर लंबित प्रकरणों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वामित्व योजना के तहत मानचित्रण, पट्टेदारों और संबंधित भूमि अभिलेखों से जुड़े कार्यों तथा ड्रोन मैपिंग के बाद की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि राजस्व सेवाओं में समयबद्धता और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। अभियान के माध्यम से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने और आम नागरिकों को भूमि संबंधी सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
