हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की नियुक्तियों का लक्ष्य, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताई सरकार की योजना
मंडी। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने नियुक्तियों पर जोर दिया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब 10 हजार नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जबकि इस वर्ष 5 हजार और शिक्षकों की नियुक्तियां करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा मंत्री सोमवार को मंडी जिले के सिद्धपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 67वीं राज्यस्तरीय अंडर-19 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त नियुक्तियों का लक्ष्य पूरा होने पर प्रदेश में सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान कुल नियुक्तियों का आंकड़ा लगभग 15 हजार तक पहुंच जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षकों की नियुक्तियों का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।
650 छात्रा खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
सिद्धपुर स्कूल में आयोजित चार दिवसीय राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों और तीन खेल छात्रावासों की लगभग 650 छात्रा खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, ठोडो और कुराश सहित विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर पदकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 48 पदक हासिल किए थे।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर पदकों की संख्या को पहले 60 और इसके बाद 100 तक पहुंचाना है। इसके लिए विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाने और उनकी प्रतिभा को निखारने पर जोर दिया जा रहा है।
