डगशाई स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और NHAI से मांगा जवाब
फोरलेन पार कर स्कूल पहुंचने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
सोलन। सोलन जिले के कुमारहट्टी में डगशाई स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा का मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। व्यस्त फोरलेन पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने की मजबूरी और पैदल चलने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं होने की दलीलों पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने बॉबी राणा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
फोरलेन बनने के बाद बढ़ी बच्चों की परेशानी
जनहित याचिका में बताया गया कि डगशाई स्कूल वर्ष 1935 से संचालित हो रहा है और क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्कूल सड़क के दूसरी ओर स्थित होने के कारण विद्यार्थियों को रोजाना राष्ट्रीय राजमार्ग पार करके आना-जाना पड़ता है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के बीच बच्चों के लिए सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से फ्लाईओवर के ठीक आगे सड़क पार करने वाले स्थान पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठाई गई हैं।
फुटपाथ नहीं होने और कमजोर संरचना का भी मुद्दा
याचिका में यह भी कहा गया कि संबंधित स्थान पर पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त सुरक्षित मार्ग या फुटपाथ उपलब्ध नहीं है। अदालत के समक्ष प्रस्तुत तस्वीरों के माध्यम से पहाड़ी हिस्से की स्थिति और आरसीसी संरचना को सहारा देने वाली पत्थर की रिटेनिंग वॉल की मजबूती को लेकर भी चिंता जताई गई।
याचिका में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां पैदल यात्रियों के लिए ओवरब्रिज यानी फुटओवर ब्रिज बनाने की आवश्यकता बताई गई है। इससे विद्यार्थियों को व्यस्त सड़क पर सीधे वाहन यातायात के बीच से गुजरने की मजबूरी से राहत मिल सकती है।
अब इस मामले में राज्य सरकार और NHAI के जवाब के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। डगशाई स्कूल के बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उठाया गया यह मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में है।
