देवनी में ओवरलोड ट्रालों की आवाजाही से ग्रामीणों में रोष, हादसों का सता रहा डर
खजूरना पुल से विक्रमबाग, देवनी और सुकेती होकर गुजर रहे भारी वाहन; सड़कों की खस्ताहालत को देखते हुए प्रतिबंध लगाने की मांग
नाहन (सिरमौर)। जर्जर सड़कों और जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों के बीच दौड़ रहे ओवरलोड ट्राले ग्रामीणों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उपमंडल नाहन की ग्राम पंचायत देवनी के लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि खजूरना पुल से विक्रमबाग, देवनी और सुकेती होते हुए गुजरने वाले रेत-बजरी से लदे ट्रालों और टिप्परों के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है। इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण जल्द ही जिला उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
ग्राम पंचायत देवनी के प्रधान विक्रांत राणा और उपप्रधान रामकुमार ने बताया कि क्षेत्र के खजूरना-विक्रमबाग-देवनी-मोगीनंद तथा विक्रमबाग-सुकेती-कालाअंब संपर्क मार्गों की हालत खराब है। इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण भारी वाहनों का गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। ऐसे में ओवरलोड ट्रालों और टिप्परों की आवाजाही से दुर्घटना होने का खतरा और बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, कर्मचारी और अन्य लोग आते-जाते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ महीने पहले इस समस्या के बारे में पुलिस थाना कालाअंब को सूचित किया गया था। उस समय पुलिस ने इन वाहनों की आवाजाही रुकवा दी थी, लेकिन अब फिर से भारी वाहन इन रास्तों पर चलने लगे हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए दोनों संपर्क मार्गों पर ओवरलोड ट्रालों और टिप्परों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनका कहना है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से संभावित हादसों को टाला जा सकता है और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सकती है।
