सिरमौर: महंगाई से राहत के लिए महिला समिति की मांग, राशन डिपो पर सरसों के तेल समेत 14 वस्तुएं देने की उठाई आवाज
नाहन में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, सस्ता राशन, बढ़ी न्यूनतम मजदूरी और पोषण योजनाओं के विस्तार पर दिया जोर
नाहन (सिरमौर)। बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। गरीब और मेहनतकश परिवारों को राहत दिलाने के लिए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सिरमौर जिला कमेटी ने सस्ते राशन की व्यवस्था मजबूत करने और राशन डिपो के माध्यम से 14 जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
समिति ने शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग की। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाने और पात्र परिवारों को पर्याप्त मात्रा में किफायती राशन उपलब्ध करवाने की अपील की गई।
राशन डिपो पर बढ़ाई जाए वस्तुओं की संख्या
समिति ने मांग की कि त्योहारों के दौरान राशन डिपो में मिलने वाले सामान की मात्रा और गुणवत्ता में सुधार किया जाए। इसके अलावा पहले बंद किए गए सरसों के तेल की आपूर्ति दोबारा शुरू करने तथा घी, सूजी, सूखे मेवे और मसालों सहित कुल 14 आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए।
समिति की सचिव अमिता चौहान ने कहा कि महंगाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना और बच्चों को पौष्टिक भोजन देना चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
महंगी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से बढ़ी परेशानी
समिति ने अपने ज्ञापन में बेरोजगारी, वास्तविक मजदूरी में गिरावट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत तथा कर्ज के बोझ को भी गंभीर मुद्दा बताया। समिति के अनुसार, घर का खर्च चलाने और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी सेवाओं के साथ मातृ एवं बाल पोषण योजनाओं का दायरा बढ़ाने की मांग भी की गई। समिति ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को पर्याप्त पौष्टिक आहार तथा जरूरी पोषण सहायता मिलनी चाहिए।
आधार और फैमिली आईडी की अनिवार्यता हटाने की मांग
समिति ने डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को दूर करने पर जोर दिया। साथ ही फैमिली आईडी और आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग रखी, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
रोजगार, मजदूरी और सस्ते कर्ज का मुद्दा भी उठाया
महिला समिति ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि करने और मनरेगा को दोबारा शुरू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को आम जनता की पहुंच में बनाए रखने पर जोर दिया गया।
समिति ने महिलाओं को सस्ती संस्थागत ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाने और कर्ज की वसूली के दौरान होने वाले कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी मांग की।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सिरमौर जिला कमेटी ने मुख्यमंत्री से महंगाई पर नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और महिलाओं, गरीबों तथा मेहनतकश वर्ग को आर्थिक राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
इस दौरान समिति की सीमा, बीना देवी, अंजिता, पुष्पा और आशा शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहीं।
