कालाअंब के उद्योगों को मिलेगी स्मार्ट तकनीक की ताकत, 45 उद्यमियों ने सीखे उत्पादन बढ़ाने के नए तरीके
कालाअंब (सिरमौर)। उत्पादन लागत घटाने से लेकर आधुनिक तकनीक के जरिए उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने तक, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए नए अवसर खोल सकती है। इसी दिशा में कालाअंब में आयोजित कार्यशाला में करीब 45 उद्यमियों को डिजिटल तकनीक, स्वचालन और आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं की उपयोगिता से अवगत करवाया गया।
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के रैंप (RAMP) कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उनकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र नाहन के प्रबंधक सुरेंद्र प्रकाश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से एसडब्ल्यूसीए के ईआई मनीष मजटा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने उद्यमियों से कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने व्यवसाय में लागू करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
उद्योग 4.0 और ऑटोमेशन पर दी जानकारी
कार्यशाला में विशेषज्ञ कोविंद शर्मा ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की अवधारणा और उद्योगों में इसके व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने उद्योग 4.0, स्वचालन (ऑटोमेशन), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे विषयों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लागत कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है। बदलती औद्योगिक जरूरतों के बीच डिजिटल प्रणालियों को अपनाना एमएसएमई इकाइयों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सरकारी खरीद और डिजिटल प्रक्रियाओं पर भी जोर
कार्यशाला में उद्यमियों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़ने और डिजिटल व्यावसायिक प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका प्रश्नोत्तर सत्र में समाधान किया गया।
रैंप टीम की ओर से उद्यमियों को जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध करवाई गई। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि छोटे और मध्यम उद्योग आधुनिक तकनीकों के साथ कदमताल कर अपनी उत्पादकता और बाजार तक पहुंच को बेहतर बना सकते हैं।
कार्यशाला के समापन पर उद्योग विभाग और रैंप टीम ने एमएसएमई इकाइयों के तकनीकी उन्नयन, क्षमता निर्माण और बाजार से बेहतर जुड़ाव के लिए प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
