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सिरमौर में पत्नी की हत्या के मामले में पति को उम्रकैद, बेटी की शिकायत से खुला मामला
बेटी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच, अदालत में 20 गवाहों के बयान बने अहम। पांवटा साहिब कोर्ट ने दोषी पति को आजीवन कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिला सिरमौर में पत्नी की हत्या के मामले में पांवटा साहिब की अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद दोषी सोहन सिंह चौधरी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले के अनुसार, 19 अगस्त 2024 को आरोपी की बेटी कुमारी नेहा ने अपने पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोहन सिंह चौधरी ने उसी रात अपनी पत्नी पर डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी और वारदात के बाद घर से फरार हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया था हत्या का मामला
बेटी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर नंबर 122/24 दर्ज की थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया। मामले की जांच उपनिरीक्षक अच्छर सिंह ने की और साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की गई।
20 गवाहों के बयान दर्ज, फिर सुनाया फैसला
अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने मामले के समर्थन में 20 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सोहन सिंह चौधरी को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोषी सोहन सिंह चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की शिकारपुर तहसील के गांव जगदीशपुर का निवासी है।
