हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, आरोपी छात्र से छीना सीआर का पद; 9 प्रशिक्षु निलंबित
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल एक छात्र को क्लास रिप्रेजेंटेटिव (सीआर) के पद से हटा दिया है। वहीं, मामले में 9 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने के साथ कई विद्यार्थियों पर हजारों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रैगिंग की शिकायत पर की गई जांच के बाद कॉलेज प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइन के तहत सीआर पद पर तैनात छात्र को बर्खास्त किया गया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मेरिट के आधार पर चुने जाने के बावजूद रैगिंग जैसी अनुशासनहीन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर किसी विद्यार्थी को इस पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जांच रिपोर्ट अभिभावकों को सौंपी
मामले को लेकर कॉलेज प्रबंधन ने चार विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें जांच रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। हालांकि, जानकारी दिए जाने के बावजूद कुछ अभिभावक बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं, कुछ अभिभावकों ने निर्धारित जुर्माने की राशि जमा करवा दी है।
रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच की थी। जांच के आधार पर द्वितीय वर्ष के नौ एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कथित तौर पर रैगिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पीजी कमरे से जुड़े छात्र और जूनियर विद्यार्थियों को वहां ले जाने वाले विद्यार्थियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। छह अन्य विद्यार्थियों पर 25-25 हजार रुपये प्रति छात्र की पेनल्टी लगाई गई है।
जूनियर छात्रों से वरिष्ठों को विशेष तरीके से अभिवादन कराने का आरोप
मामले की शुरुआत प्रथम वर्ष के एक छात्र की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जूनियर विद्यार्थियों को सीनियर छात्रों के पीजी कमरे में बुलाया जाता था। वहां उन्हें नजरें झुकाकर बात करने और सीनियर से मिलने पर ‘डॉक्टर साहब’ कहकर नमस्ते करने के निर्देश दिए गए थे।
शिकायत सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने पूरे मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता सहित आठ जूनियर विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए। इन बयानों के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने संबंधित विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
निजी हॉस्टलों की निगरानी भी होगी सख्त
रैगिंग की घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने निजी हॉस्टलों में विद्यार्थियों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। बड़ू, दोसड़का और सलासी क्षेत्र में संचालित निजी हॉस्टलों की निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रबंधन का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य रमेश भारती ने बताया कि एनएमसी की गाइडलाइन के तहत रैगिंग मामले में संलिप्त पाए गए एक क्लास रिप्रेजेंटेटिव को पद से हटाया गया है। साथ ही, अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
