सराहां कॉलेज में 75 छात्राओं को दी POSH एक्ट की जानकारी, जानें महिलाओं के अधिकार और शिकायत का तरीका
कार्यस्थल ही नहीं, शिक्षण संस्थानों में भी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से सराहां कॉलेज में छात्राओं और महिला कर्मचारियों को लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े कानूनी अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया।
सराहां (सिरमौर), 15 अक्टूबर। राजकीय महाविद्यालय सराहां में महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने वाले POSH एक्ट को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC), महिला प्रकोष्ठ और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस व्याख्यान में महिला कर्मचारियों सहित कुल 75 छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में आंतरिक शिकायत समिति एवं महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. मोल्लम डोलमा ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं और महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत करवाया।
उन्होंने लैंगिक उत्पीड़न के विभिन्न रूपों, महिलाओं को प्राप्त कानूनी अधिकारों तथा आंतरिक शिकायत समिति की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने तथा कार्य करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में महिलाओं को चुप रहने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करवाने के लिए आगे आना चाहिए।
इस दौरान आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य डॉ. प्रियंका सराओ ने भी महिलाओं की सुरक्षा, समानता और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसा वातावरण विकसित करना जरूरी है, जहां छात्राएं और महिला कर्मचारी बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें और अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ उचित माध्यम से आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय में आयोजित इस जागरूकता व्याख्यान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को POSH एक्ट के प्रति जागरूक करना और संस्थान में सुरक्षित, संवेदनशील तथा लैंगिक समानता पर आधारित वातावरण को प्रोत्साहित करना रहा।
