हिमाचल में खनन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अलग खदान निदेशालय गठित, IAS अधिकारी संभालेंगे कमान
खनन गतिविधियों के नियमन और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, तत्काल प्रभाव से लागू हुई अधिसूचना।
उद्योग विभाग के तहत बनेगा अलग प्रशासनिक ढांचा, खान निदेशक को सौंपी जाएंगी नई वैधानिक शक्तियां।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में खनन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन और नियमन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उद्योग विभाग के तहत अलग खान (खदान) निदेशालय के गठन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में बुधवार देर शाम अधिसूचना जारी कर नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत खान निदेशक का ग्रुप-ए पद भी सृजित किया गया है। इस पद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी से भरा जाएगा। नवगठित निदेशालय उद्योग विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा, जबकि खान निदेशक इसके विभागाध्यक्ष होंगे।
उद्योग विभाग से स्थानांतरित होंगे अधिकारी और कर्मचारी
नए निदेशालय के सुचारू संचालन के लिए उद्योग विभाग में पहले से स्वीकृत कुछ पदों को इसमें स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें एक संयुक्त निदेशक, वित्त एवं लेखा से संबंधित एक सहायक नियंत्रक और एक अधीक्षक ग्रेड-एक का पद शामिल है।
इसके अलावा एक वरिष्ठ सहायक, सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े तीन कनिष्ठ कार्यालय सहायक और एक चपरासी का पद भी निदेशालय को स्थानांतरित किया जाएगा। कार्यालय के दैनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आउटसोर्स आधार पर चार मल्टी टास्क वर्कर रखने की अनुमति भी प्रदान की गई है।
खान निदेशक को मिलेंगी अतिरिक्त वैधानिक शक्तियां
निदेशालय की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए संबंधित वैधानिक नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से खान निदेशक को जरूरी अधिकार और कार्य सौंपे जाएंगे, ताकि वह खनन क्षेत्र से जुड़े मामलों का अधिक प्रभावी ढंग से संचालन कर सकें।
खनन क्षेत्र के प्रबंधन पर रहेगा विशेष ध्यान
अलग निदेशालय स्थापित करने के पीछे राज्य में खनन गतिविधियों के नियमन और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना प्रमुख उद्देश्य है। नई व्यवस्था से खनन से जुड़े कार्यों के लिए एक समर्पित प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध होगा।
हालांकि, निदेशालय पर उद्योग विभाग का समग्र प्रशासनिक नियंत्रण बना रहेगा। उद्योग विभाग के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत के आदेश से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
