दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए CM सुक्खू, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
शिमला/दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी भाग लिया और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख का समर्थन किया।
कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही है।
SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की भागीदारी को हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की इस राजनीतिक मुहिम के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। पार्टी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर उठा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर जोर दे रही है।
हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने किया था विरोध
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला स्तर पर प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई थी।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध जारी रहेगा। वहीं, पूरे मामले की व्यापक तस्वीर सामने रखने के लिए चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित तथ्य भी महत्वपूर्ण हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्तियां और मांगें राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य मानने के बजाय उन्हें कांग्रेस के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
