सिरमौर: परिवहन पेंशनरों का सरकार को अल्टीमेटम, लंबित देयकों का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की तैयारी
महंगाई भत्ता, चिकित्सा बिल और उम्र के आधार पर मिलने वाले वित्तीय लाभ अटके होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। नाहन में हुई बैठक के दौरान हिमाचल परिवहन के पेंशनरों ने साफ किया कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच जिला सिरमौर ने पेंशनरों की लंबित समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की है। रविवार को नाहन के रीनताल स्थित वरिष्ठ नागरिक केंद्र में आयोजित मंच की मासिक बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने वित्तीय लाभों के भुगतान में हो रही देरी पर चिंता जताई और सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मोहन सिंह ठाकुर ने की, जबकि महासचिव हरशरण शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं होने के कारण पेंशनरों को आर्थिक और चिकित्सा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबित डीए जारी करने की मांग
मंच के सदस्यों ने सरकार से महंगाई भत्ते (डीए) की बकाया किस्तों का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलना जरूरी है। इसके साथ ही 65 से 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेंशनरों को देय वित्तीय लाभ और भत्तों का भुगतान भी जल्द सुनिश्चित करने की मांग की गई।
हर महीने की पहली तारीख को मिले पेंशन
बैठक में पेंशन भुगतान की व्यवस्था को नियमित बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मंच ने मांग की कि परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रत्येक महीने की पहली तारीख को पेंशन उपलब्ध करवाई जाए। पदाधिकारियों के अनुसार, समय पर पेंशन मिलने से बुजुर्गों को घरेलू खर्चों और अन्य जरूरी जरूरतों की योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी।
चिकित्सा बिलों के भुगतान में देरी पर चिंता
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लंबे समय से लंबित रहने पर भी नाराजगी जताई। मंच के सदस्यों का कहना था कि कई पेंशनरों को इलाज पर काफी खर्च करना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सा बिलों की राशि समय पर वापस नहीं मिलने से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रबंधन से लंबित बिलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की।
हाईकोर्ट के आदेश का भी उठाया मामला
बैठक में महंगाई भत्ते की 8 प्रतिशत किस्त जारी करने से संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेशों का भी जिक्र किया गया। मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आदेशों के बावजूद इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित आदेशों के अनुरूप कदम उठाने और पेंशनरों को उनका बकाया लाभ देने की मांग की।
मंच ने दोहराया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित प्रबंधन ने मांगों के समाधान के लिए जल्द पहल नहीं की, तो आने वाले समय में आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।
बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद
बैठक में गुमान सिंह, गुरूचंद, गोरखूराम, मोहम्मद इलयास, गीता राम, राजेश कुमार, गुलशन कुमार अरोड़ा, मुजाहिद अली, राधा रानी, वीना, बृजभूषण, शशि बाला, तारा देवी, रजाना परवीन और नरेंद्र कुमार सहित मंच के कई सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए लंबित मांगों के जल्द समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
