हिमाचल: ऊना में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद डॉक्टर निलंबित, तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में मां और गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के लिए चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की रिपोर्ट के बाद डॉ. प्रियंका शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ऊना (हिमाचल प्रदेश)। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रसूता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग का ध्यान खींचा है। घटना के बाद मौत के कारणों और उपचार के दौरान संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव आशीष सिंहमार की ओर से शनिवार को जारी आदेशों के अनुसार, चिकित्सा अधीक्षक की रिपोर्ट में बताया गया कि डॉ. प्रियंका शर्मा प्रारंभिक जांच के लिए उपलब्ध नहीं थीं और उनके दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई। इसके आधार पर चिकित्सक के निलंबन की सिफारिश की गई थी।
7 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती हुई थीं रीना देवी
जानकारी के अनुसार, ऊना जिले के अपर अरनियाला गांव की 33 वर्षीय रीना देवी, पत्नी राजीव कुमार, को प्रसव के लिए 7 अक्तूबर 2026 को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती कराया गया था। इसके दो दिन बाद, 9 अक्तूबर को प्रसूता और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और अस्पताल से जुड़े मामले की परिस्थितियों को लेकर जांच शुरू की गई।
तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश
मामले की पड़ताल के लिए क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने 9 अक्तूबर को जांच समिति गठित की थी। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चौहान की अध्यक्षता वाली समिति को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति को यह पता लगाना है कि प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और संभावित चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जानी है।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के निलंबन आदेश में मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। फिलहाल यह भी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि इस घटना में किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं।
जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और संभावित जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. प्रियंका शर्मा का मुख्यालय स्वास्थ्य सेवा निदेशालय निर्धारित किया गया है।
