त्रिलोकपुर में अश्विन नवरात्र मेले का आगाज, सुबह 4 बजे खुले माता बाला सुंदरी मंदिर के कपाट; आज उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
कालाअंब (सिरमौर)। माता के जयकारों के साथ त्रिलोकपुर स्थित सिद्धपीठ महामाया बाला सुंदरी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले का शुभारंभ हो गया है। रविवार सुबह 4 बजे मुख्य आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। रविवार का अवकाश होने के चलते आज शाम तक हजारों श्रद्धालुओं के माता के दरबार में पहुंचने की संभावना है।
नवरात्र मेले को लेकर मंदिर न्यास समिति की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने और भीड़ नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर के कपाट खोलने के समय में आवश्यक बदलाव भी किया जा सकता है।
नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध, सूखा प्रसाद चढ़ाने की अनुमति
मंदिर न्यास समिति ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न नियम लागू किए हैं। मंदिर में नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि श्रद्धालु सूखा प्रसाद अर्पित कर सकेंगे। माता के दरबार में नकद भेंट के साथ क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भेंट चढ़ाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा भंडारों के आयोजन की अनुमति केवल निर्धारित स्थलों पर ही होगी। श्रद्धालुओं से अपने वाहनों को चिन्हित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने की अपील की गई है, ताकि मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
सुरक्षा के लिए 400 जवान तैनात, 150 + सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी करीब 400 कर्मियों को सौंपी गई है, जिनमें लगभग 300 पुलिस व होमगार्ड जवान और 100 निजी सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
मेला क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगभग 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के पुरुष और महिला जवान सादी वर्दी में भी तैनात रहेंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों और हुड़दंग करने वालों पर नजर रखी जा सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार के अनुसार, मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र में तैनात जवान लगातार निगरानी रखेंगे।
सफाई व्यवस्था के लिए 80 कर्मचारी तैनात
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर और मेला परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए 80 निजी सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मंदिर में पूजा-अर्चना का दायित्व परंपरा के अनुसार भक्त लाला रामदास के वंशज निभाएंगे।
मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि अश्विन नवरात्र मेले से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
रविवार को अवकाश के कारण श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की अपील है कि श्रद्धालु मंदिर में लागू नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
