पांवटा साहिब में SIR प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका
मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटने की आशंका पर जताई चिंता, सीटू और किसान सभा ने मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का किया ऐलान
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने और वोट देने के अधिकार को लेकर पांवटा साहिब में विरोध प्रदर्शन हुआ। सीटू और हिमाचल किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया वापस लेने की मांग उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शन में दोनों संगठनों के करीब पांच दर्जन कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न रखने की मांग की।
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है। जनता के मत से सरकारें चुनी जाती हैं, ऐसे में मतदाता सूचियों में पारदर्शिता बनाए रखना और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता के साथ अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
आशीष कुमार ने आशंका जताई कि SIR प्रक्रिया के दौरान यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो इससे उसके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों, मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने और मतदान करने की प्रक्रिया सरल तथा भेदभाव रहित होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूचियों की समीक्षा के दौरान किसी भी तरह की त्रुटि को दूर करने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसे तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया वापस लेने और मतदाता सूचियों की पारदर्शी समीक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
सीटू और हिमाचल किसान सभा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि मजदूरों, किसानों और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मताधिकार की सुरक्षा लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा विषय है और इस मामले में किसी भी पात्र नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार, इंदु तोमर, हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी, सीटू जिला सचिव देव कुमारी सहित माया, अंजू, गोपी, जीवन सिंह, विजय और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
