ऊना अस्पताल में गर्भवती महिला और नवजात की मौत से मचा हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप
प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची महिला और उसके बच्चे की मौत के बाद भड़का परिजनों का गुस्सा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर की नारेबाजी
ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
अल्ट्रासाउंड के दौरान बिगड़ी महिला की तबीयत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरनियाला क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया था। बताया जा रहा है कि महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया, जहां उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद महिला और उसके बच्चे की मौत की सूचना सामने आई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और अन्य लोग अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए। अपनों को खोने से दुखी परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और उपचार के दौरान कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और यदि उपचार में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान अस्पताल परिसर में नारेबाजी होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उन्हें शांत करवाने का प्रयास किया। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच करवाने तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की जानकारी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल, महिला और उसके बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यह भी जांच का विषय है कि उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
घटना ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं, जिससे मौत के कारणों और कथित लापरवाही से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सके।
